रंजना नेगी की रिपोर्ट

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों हेतु अभिमुमखीकरण कार्यशाला को सम्बोधित किया।

नगर निकायों के वितीय व विवेकाधीन अधिकारों का विस्तार-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकायों के मेयर व बोर्ड के वितीय व विवेकाधीन अधिकारों का दायरा बढ़ा दिया गया है। वितीय व विवेकाधीन शक्तियां बढ़ने से नगर निकायों के मेयर व अन्य पदाधिकारियों को जनहित व विकास कार्यो में अपने कर्तव्यों के निर्वहन में आसानी होगी। उन्हें अपने सभी कार्यो के लिए शासन में नहीं आना पडे़गा।

नगर निकाय आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निकाय आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने व अपने वितीय संसाधन बढाने पर विशेष ध्यान दे। उन्होंने कहा कि दीर्घकालीन विकास के लिए नगर निकायों का स्वालम्बी होना जरूरी है। नागपुर शहर का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सीखने की जरूरत है कि यह शहर यूरीन से सालाना 85 करोड़ रूपये तक की आय कमा रहा है।

इनोवेटिव आईडियाज पर काम करे-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि नगर निकायों या छोटी सरकारों के जनप्रतिनिधि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। चुने हुए जनप्रतिनिधि जनप्रिय व लोकप्रिय होते है जिन  पर जनता ने अपना विश्वास व्यक्त किया है। जनप्रतिनिधि सौभाग्यशाली है कि उन्हें विकास व कल्याण के कार्यो के लिए जनसेवा का अवसर मिला है। इस अवसर की महता को समझते हुए निकायों के समुचित व सम्यक विकास के लिए गम्भीरता से कार्य करे व आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करे।  मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा निकायों के जनप्रतिनिधियों को विकास कार्यो में इनोवेटिव आईडियाज पर काम करने की जरूरत है। अपने आस-पास के प्रकृति प्रदत संसाधनों का सदुपयोग करके आय बढ़ाने पर कार्य किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वेस्ट को एनर्जी में बदलने की तकनीके विकसित हो चुकी है जिससे एविएशन फयूल, खाद, पीने लायक पानी व धातुएं बनती है।  जनप्रतिनिधियों को विशेषज्ञों , बुद्धिजीवी व सभी वर्गो से नए विकल्पों पर कार्य करने हेतु चर्चा करनी चाहिए।

उत्तराखण्ड की परिस्थितियों के अनुरूप नीतिगत परिवर्तन-मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड के बहुत से नियम व नीतियां उत्तर प्रदेश के अनुसार चल रहे थे। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों, स्थितियों, दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के अनुरूप नीतिगत परिवर्तन किए है। हमारी परिस्थितियां अलग है। दूरस्थ क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित हो इसके लिए  कई मानकों में शिथलता दी गई  है।  हमने अपने मानक अपनी भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार बदले है। हमने आवास नीति में आमूलचूल परिवर्तन किए है।

स्वच्छता नगर निकायों की प्राथमिकता हो-मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

 

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के अधिकतर नगर निकाय नदियो के किनारे स्थित है। अतः नगर निकायों का नदियों की स्वच्छता व संरक्षण के प्रति दायित्व बढ़ जाता है। हिमायली राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड का दायित्व भी पर्यावरण के प्रति दायित्व स्वाभाविक रूप से अधिक है। स्वच्छता हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में डोईवाला नगर पालिका ने डीआरडीओं व केन्द्रीय प्रदूषण बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त  किल वेस्ट मशीन लगाई गई है। जो हर प्रकार का कूड़ा कुछ ही देर में जला कर समाप्त कर देती है तथा प्रदूषण भी नहीं करती है। राज्य सरकार नगर निकायों द्वारा इस  इस मशीन को लगाने  पर 50 प्रतिशत का अनुदान देगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निकाय 2022 तक किसानों के आय दुगनी करने, सभी को आवास उपलब्ध करवाने, ग्रोथ सेन्टर विकास व स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है। इस अवसर मुख्यमंत्री ने आवास योजना के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।

शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा की नगर निकाय पारदर्शिता के साथ काम करें।  नगर निकाय अपनी आय बढ़ाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करें। आय बढ़ाने के लिए नए स्रोतों व विकल्पों की तलाश करें। नगर निकाय के जनप्रतिनिधि शासन के अधिकारियों, जिला स्तरीय अधिकारियों, जनसामान्य व सरकार से समन्वय बनाकर कार्य करें। कार्यों को पूरा करने के लिए के लिए निरंतर फॉलो अप करें। राज्य सरकार नगर निकायों को हरसंभव सहायता व सहयोग देगी।

इस अवसर पर सचिव शैलेष बगोली, मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, मेयर ऋषिकेश अनीता मंमगाई व गढ़वाल मण्डल के नगर निकायों के अध्यक्ष भी उपस्थित थे।

उड़ान योजना से आमजन को मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उड़ान योजना के तहत  उत्तराखंड में क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी का लाभ जन सामान्य को मिलेगा। इससे उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में आम जन को दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी और राज्य में पर्यटकों की संख्या में इजाफा भी होगा।

मीडिया के सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने गुरुवार से शुरू हो रही  देहरादून-पंतनगर-पिथौरागढ़ उड़ान योजना पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अभी तक 450 वायुयान ही भारत में थे। पर केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद देश में वायुयानों की संख्या 1 हजार पहुंच गई है। इससे अब हवाई सेवाएं सस्ती हो गई हैं, और इन सस्ती सेवाओं का आम जन को भी हवाई सेवा में लाभ मिल रहा है। उत्तराखंड पर्वतीय राज्य  है। यहां शुरू की गई सस्ती उड़ान सेवा से सामान्य वर्ग के लोगों को दूरस्थ स्थानों पर पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए हवाई सेवा का किराया काफी कम है। इससे आम जन भी आसानी से इस सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

चार धाम योजना को लेकर सुप्रीम कोर्ट से राहत के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे निश्चित तौर पर काम में तेजी आएगी। यह परियोजना देश की ऐसी पहली योजना है जो आल वैदर रोड के रूप में उत्तराखंड को मिली है। इससे उत्तराखंड में पर्यटको की संख्या में वृद्धि होगी और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस योजना से राज्य सरकार को 54 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हुयी है जिसका उपयोग आमजन की सुविधाओं के लिये किया जायेगा।

अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अब तक 3 लाख 77 हजार 744 परिवारों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं।

टिहरी झील महोत्सव को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया जायेगा।
टिहरी में कुल 221 करोड़ 81 लाख रूपये की योजनाओं का शुभारम्भ।
मुख्यमंत्री ने टिहरी में भी किया अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का शुभारम्भ।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई टिहरी के प्रताप इण्टर कालेज प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। उन्होंने कहा कि अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत अब तक 3 लाख 77 हजार 744 परिवारों के गोल्डन कार्ड बना दिये गये है। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता में शामिल हैं। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना एक कल्याणकारी योजना हैं जिसके तहत प्रत्येक परिवार को 05 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना को प्रदेशभर में संचालित किया जा रहा हैं। अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के अन्तर्गत प्रदेश के सभी 23 लाख परिवारों को लाभान्वित किया जायेगा। प्रतिदिन 35 हजार गोल्डन कार्ड बनाये जा रहे है। कोई भी व्यक्ति धनाभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे, इस मकसद से यह योजना चलायी जा रही है और इस योजना का लाभ सभी वर्गो के लोगों को दिया जा रहा हैं। टिहरी जनपद के 11 अस्पताल अटल आयुष्मान योजना के अन्तर्गत चिह्नित हैं। जनपद टिहरी के 122 लोग अब तक इस योजना का लाभ ले चुके है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने लोगों से अपील की कि वे अपने आस-पास के सभी लोगों को गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पे्ररित करें। ताकि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से अच्छादित हो सके। उन्होने कहा कि हमने नई टिहरी के बौराड़ी स्थित जिला चिकित्सालय को पीपीपी मोड पर दिया हैं ताकि क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य उपचार के लिए बाहर के क्षेत्रों में न जाना पड़े। उन्होने बताया कि 13 विशेषज्ञ डाॅक्टर बौराडी स्थित जिला चिकित्सालय में तैनात रहेंगें। जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में 40 टेलीमेडिसन सेन्टर की स्थापना किये जाने पर जिलाधिकारी सोनिका को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना के तहत प्रतिमा, सर्वा देवी, अनिल प्रसाद बिजल्वाण, साधना रावत एवं आशा बहुगुणा को गोल्डन कार्ड वितरित किये।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने टिहरी में कुल 221 करोड़ 81 लाख रूपये की लागत की कुल 89 योजनाओं का लोकापर्ण एवं शिलान्यास किया। जिनमें से 88 करोड़ 84 लाख रूपये से बनी 49 योजनाओं का लोकापर्ण एवं 132 करोड़ 97 लाख रूपये की लागत से बनने वाली 40 योजनाओं का शिलान्यास किया। जिन योजनाओं का लोकापर्ण व शिलान्यास किया गया वे ग्रामीण विकास, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, शिक्षा, लोनिवि, कृषि, स्वास्थ्य, लघु सिंचाई एवं आयुर्वेदिक विभाग की योजनायें थी।   मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मार्गो की दूरी कम करने के लिए राज्य में पुल निर्माण के कार्यों को गति दी जायेगी। राज्यभर से लगभग 200 पुलों की मांग हैं जिन्हें 2022 तक बनाया जायेगा। इस वर्ष 125 पुलों के निर्माण को स्वीकृति दी जायेगी। उन्होंने कहा कि जनपद टिहरी के डोबरा-चांठी पुल के शीघ्र निर्माण को ध्यान में रखते हुए एकमुश्त में 87 करोड़ रुपये जारी किये गये हैं। जल्द ही डोबरा-चांठी पुल जनता को समर्पित कर दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि इस वर्ष टिहरी झील महोत्सव को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया जायेगा जिसमें 13 देशों के लोगों को आमंत्रित किया जायेगा। इससे पर्यटकों की आवाजाही होगी व स्थानीय लोगों के रोजगार में वृद्धि होगी। प्रदेश को सबसे अधिक लाभ पर्यटन से होता है इसलिए प्रदेश सरकार पर्यटन पर विशेष फोकस कर रही हैं। जनपद टिहरी में भी पर्यटन की अपार सम्भवनाए हैं। प्रत्येक वर्ष 25, 26 एवं 27 फरवरी को टिहरी झील महोत्सव का आयोजन किये जाने की योजना है। कृषि विकास के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत  किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज पर लोन देने जा रही है। महिला समूहों को 5 लाख तक का लोन जीरो प्रतिशत ब्याज पर दिया जायेगा। विभिन्न योजनाओं को सफल बनाने के लिए सरकार जीरों टाॅलरेन्स पर कार्य कर रही हैं जिससे जनता के पैसे का सदुपयोग हो रहा हैं। जिसका लाभ जनता को मिल रहा है।

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य हैं जिसने प्रत्येक परिवार की चिन्ता करते हुए सभी वर्गो के परिवारों को अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना से जोड़ने की योजना बनायी है। उन्होने कहा कि हम 2019 को रोजगार वर्ष के रूप में मनाने जा रहे हैं। जिसके तहत विभिन्न विभागों में दस हजार से अधिक नियुक्तियां की जायेगीं।

इस अवसर पर टिहरी सांसद माला राजलक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, विधायक धन सिंह नेगी, विजय सिंह पंवार, शक्ति लाल शाह व विनोद कण्डारी, जिलाधिकारी सोनिका, एसएसपी योगेन्द्र सिंह रावत, आदि उपस्थित थे।



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