उत्तराखंड की पाँचो लोकसभा सीट पर फिर से भाजपा कब्ज़ा करना चाहती है और ये सब कुछ सम्भव तभी जब भाजपा का झंडा लेकर चलने वाले कार्यकर्ता पूरी ताकत से मिशन 2019 के लिए जुटेंगे बस फिर क्या मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ओर प्रदेश अध्यक्ष इस मिशन मैं जुट गए है की कैसे अपने कार्यकता मै जोश भरा जाए और उस रणनीति पर काम आरम्भ भी हो चुका है जिसके चलते सरकार से लेकर संगठन तक पूरा होमर्वक किया जा रहा है। हाल ही में दिये गये दायित्व भी इसी होमवर्क का नतीजा है। जल्द ही कुछ और नेताओं को भी दायित्व दिये जायेंगे। इसके साथ ही पूरे उत्तराखंड में पार्टी अपने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी जल्द जिम्मेदारी के तोहफे से नवाजने की तैयारी कर चुकी है।

ओर बचा हुआ होमवर्क अपने अंतिम चरण में है। आपको बता दे कि सरकार और संगठन लोकसभा चुनाव के दंगल में जाने से पहले सभी को साथ लेकर चलने के प्लान पर काम कर रहे हैं। ताकि कहीं से कोई नाराजगी का स्वर न फूटे। उत्तराखंड के 13 जिलों में गठित होने वाली विभिन्न विभागों की समितियों में लगभग डेढ़ हजार कार्यकर्ताओं को तोहफा देने की तैयारी चल रही है। हालांकि, इन्हें मंत्री स्तर का दर्जा प्राप्त नहीं होगा। इसके अलावा नगर निकायों में भी काफी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं को पार्षद और सदस्य मनोनीत करने की कवायद भी अंतिम चरण में है। इसके तहत 1500 के लगभग कार्यकर्ताओं को यह तोहफा दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के 84 नगर निकायों में भी पार्टीजनों को पार्षद और सदस्य मनोनीत करने के संबंध में भी सरकार के स्तर पर होमर्वक पूरा कर लिया गया है। जिलों में गठित होने वाली विभिन्न समितियों में कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्य के पदों से नवाजा जाएगा।
विधायकों को दरकिनार कर पार्टी संगठन के नेताओं को दी गई तवज्जो
गौरतलब है कि त्रिवेन्द्र सरकार ने हाल ही में 22 दिसंबर को 14 नेताओं को विभिन्न आयोगों, निगमों और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पदों से नवाजा था। इसमें विधायकों को दरकिनार कर पार्टी संगठन को तवज्जो दी गई। लोकसभा चुनाव में दुबारा से पांचों सीटों पर काबिज होने के लिये पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसी का नतीजा है कि कार्यकर्ताओं की लंबे समय से चली आ रही मांग इस बार पूरा होने की कगार पर है। अब देखना ये होगा की सरकार और संगठन के इस।प्रयास से जो लोग छूट जायेगे या रह जाएंगे उनका क्या कहना होगा । बहराल मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत राज्य की जनता को अपने राज्य के आने वाले बजट मे क्या कुछ ख़ास देते है ओर आचार सहिता लगने से पहले क्या कुछ ख़ास महत्वपूर्ण घोषणा करते है ये देखना जरूरी होगा क्योंकि त्रिवेंद्र सरकार के 2 साल के कामकाज को भी जनता कही ना कहीं लोकसभा चुनाव में मतदान डालते समय याद रखेगी । पर जो सबसे महत्वपूर्ण बात जनता के लिए रही वो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र की जीरो टालरेश की नीति ही है । जिसने राज्य मे भृस्टाचार का बोलबाला अभी तक रोक कर रखा.



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