आपको बता दे कि मीटू प्रकरण में भाजपा के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ शनिवार देर रात लज्जा भंग करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वही एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने एसपी देहात सरिता डोभाल की जांच रिपोर्ट के आधार पर शहर कोतवाली पुलिस को अभियोग पंजीकृत करने के आदेश दिए थे। आपको बता दे कि इससे पहले दिन में पीड़िता ने एसपी देहात से मिलकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तहरीर दी थी। ओर मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई थी। और फिर आखिरकार
मीटू प्रकरण में भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार पर लंबे इंतजार के बाद कानूनी शिकंजा अब कसा जब मुक़दमा दर्ज हुआ । वही पीड़िता पिछले कही महीनों से सत्ता से जुड़े पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ आर पार की जंग लड़ रही है। जब उस महिला को पार्टी स्तर पर इंसाफ नही मिला तब बताया जा रहा है कि फिर उन्होंने पुलिस की शरण ले ली थी।लेकिन आरोप है कि जब पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई तो पीड़िता ने लोकप्रिय अखबार अमर उजाला के ऑफिस पहुंचकर अपनी आपबीती बताई थी। फिर ये जब यह प्रकरण अमर उजाला की सुर्खियां बना, तब जाकर संजय कुमार को पद से हटाया गया। ओर अन्य मीडिया ने भी तब से ही इस पूरे मामले को कवर करना आरम्भ किया।
ख़बर है कि पीड़िता ने पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए बीती 10 नवंबर को एसएसपी निवेदिता कुकरेती को ई-मेल के जरिये तहरीर भेज थी। एसएसपी ने अगले दिन 11 नवंबर को एसपी देहात सरिता डोभाल को इस मामले की जांच सौंप दी थी। असुरक्षा का हवाला देकर पीड़िता लंबे समय तक सुरक्षा की गुहार लगाती रही। काफी जद्दोजहद के बाद उसने एसपी देहात के सामने आकर बयान दर्ज कराए, तब जाकर सुरक्षा मुहैय्या हो सकी।बहराल मुक़दमा दर्ज हो चुका है अब देखना ये है कि पीडिता खुल कर मीडिया के सामने आती भी है या नही। इसके साथ ही इस मुकदमें के दर्ज होने के बाद अब कांग्रेस सड़को पर क्या कहती है और भाजपा इस पूरे मामले पर चुप्पी साधलेती है या कोई बयान देती है ये तो कुछ समय बाद मालूम हो जायेगा ।फिलहाल कानून अपना काम कर रहा है ।जांच जारी है।





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