उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने कल राज्यसभा में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन अमेंडमेंट बिल
पास होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित सभी राज्यसभा सदस्यों का आभार प्रकट किया है। आपको बता दे कि इस बिल के पास होने से उत्तराखंड के सोलह हजार शिक्षकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
इस मौके पर सांसद बलूनी ने कहा कि विशिष्ट बीटीसी की मान्यता का प्रकरण उत्तराखंड में लंबे समय से लंबित था, जिस कारण उत्तराखंड के लगभग सोलह हज़ार शिक्षक प्रभावित हो रहे थे और उन्हें वरिष्ठता सहित अनेक लाभ प्राप्त करने में विलंब हो रहा था, इस बिल के पास होने से उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुयी है।
वही बलूनी ने ये भी कहा कि मोदी सरकार की संवेदना, विभागों की लंबित प्रकरणों के प्रति निस्तारण की सोच से हर वर्ग को राहत देने का अभियान पुष्ट हुआ है। आपको बता दे कि कुछ दिन पूर्व विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के संगठन ने सांसद पहाड़ पुत्र बलूनी से भेंट करके उनकी समस्या के समाधान का अनुरोध भी किया था। जिस पर उन्होंने निरंतर इस विषय को फॉलो किया और उनके संगठन को प्रगति से अवगत कराते रहें। आज बिल के राज्यसभा में विधिवत पारित होने के बाद पहाड़ पुत्र बलूनी ने प्रसन्नता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी विभागीय मंत्री जावड़ेकर और सभी राज्यसभा सांसदों आभार प्रकट किया। वही जुड़े हुए शिक्षक सगठन ने पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी का धन्यवाद किया और कहा कि बलूनी के पास कोई भी व्यक्ति किसी भी बड़ी समस्याओं को लेकर जाता है तो लोकप्रिय बलूनी किसी को निराश नही करते जो उचित होता है उसके लिए प्रयास करते है और तब देख लो परिणाम सामने होता है।

आपको बता दे कि साल 2018 में बलूनी ने राज्य की जनता को कई बड़ी सोगात दी है। जिसके बाद से ही पूरे प्रदेश में बलूनी की जय जयकार साफ सुनाई दे रही है। बहराल साल 2019 की पहाड़ पुत्र बलूनी को बहुत बहुत सुभ कामनाये। आप इस साल भी ताबड़तोड़ जनहित के निर्णय लेकर, राज्य के विकास के लिए ख़ास कर पहाड़ के लिए वो सब कुछ करे जो नेताओ ने सिर्फ बोला पर करके ना दिखाया ओर आप से उम्मीद ही नही बल्कि विस्वास है पहाड़ को की आप पहाड़ के विकास के लिए हर ज़रूरी वो प्रयास करेगे जिससे एक नए उत्तराखंड का निर्माण हो हम सबका गढ़वाल, कुमाऊ खुशहाल हो।

16 हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सरकार ने ब्रिज कोर्स से दी राहत

वही आपको एक बार फिर बता दे कि उत्तराखंड के 16608 विशिष्ट शिक्षकों को दो वर्षीय ब्रिज कोर्स करने की अनिवार्यता से राहत मिल गई है। राज्यसभा ने बृहस्पतिवार को पुराने विशिष्ट बीसीटी कोर्स को मान्यता देने वाले बिल को मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार ने इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी किए थे कि जो विशिष्ट बीटीसी शिक्षक 31 मार्च 2019 से पहले दो वर्षीय ब्रिज कोर्स नहीं करेंगे उन्हें नौकरी से हटा दिया जाएगा।

आपको बता दे कि ब्रिज कोर्स का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था। बीते साल नवंबर को उत्तराखंड के प्राथमिक शिक्षक संघ पदाधिकारियों ने राज्यसभा सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी के नेतृत्व में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर से मुलाकात कर इस नियम से राहत दिलाने का अनुरोध किया था। जावडे़कर ने शीतकालीन सत्र में राज्यसभा में बिल लाने का आश्वासन दिया था।


आपको बता दे कि साल 2001 से 2016 के बीच शिक्षा विभाग ने राज्य के 16608 शिक्षकों को डायट से विशिष्ट बीटीसी का कोर्स करवाया था। कोर्स पूरा करने के बाद इन शिक्षकों को डायट से बाकायदा विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण का प्रमाणपत्र भी दिया गया। साथ ही इसी आधार पर सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक के पदों पर नियुक्ति भी दी गई। ढाई वर्ष पहले एनसीटीई ने इन शिक्षकों के विशिष्ट बीटीसी कोर्स को मान्यता देने से इनकार कर दिया था।
साथ ही ऐसे शिक्षकों को 31 मार्च 2019 से पहले ब्रिज कोर्स करने का समय दिया था। केंद्र ने ब्रिज क्रोर्स न करने और विशिष्ट बीटीसी को मान्यता न मिलने पर शिक्षकों को नौकरी से हटाने के निर्देश दिए थे। यह निर्देश जारी होने के बाद प्रदेशभर के शिक्षकों ने अलग-अलग स्तरों पर आंदोलन किया। साथ ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री समेत अन्य स्तरों पर गुहार भी लगाई थी ।

 



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