ख़बर दुःखद है आपको बता दे कि ग्राम पंचायत बमनगांव में रविवार की शाम को एक तेंदुए ने अपने घर की चौखट पर खड़ी वृद्धा पर हमला कर दिया था और इस दौरान वही निकट खड़ी बहू ने भी अपनी सास को बचाने की पूरी कोशिश की पर तभ भी वो तेंदुए की जकड़ से सांस को ना छुड़ा पाई से ।जानकारी अनुसार तेंदुआ सांस की
गर्दन पकड़कर उसे उठा ले गया। इस बीच बहू भी तेंदुए के पीछे खूब भागी पर अपनी सासु माँ को नही बचा पाई । जिसके बाद पूरे गाँव के लोगो ने सरकार से तेंदुए को आदमखोर घोषित कर उसे मारने की मांग की है। इसके साथ ही गाँव वालों ने मांग पूरी न होने पर जल्द ही आंदोलन की चेतावनी भी दे डाली है ।


आपको बता दे कि बमनगांव निवासी गोविंदी देवी रविवार की शाम लगभग सात बजे पूजा करने के बाद जैसे ही घर की चौखट पर पहुंची वही काफी देर से घात लागए बैठे तेंदुआ ने उस पर झपट मार दिया इसी बीच
पास खड़ी बहू ने अपनी सासूमाँ को तेंदुए से से बचाने के लिए काफी देर तक संघर्ष किया। पर तेंदुआ वृद्धा की गर्दन पकड़कर उसे नीचे के खेतों की तरफ ले भागा। इसी बीच बहू भी शोर मचाते हुए तेंदुए के पीछे भागी।पर सास को बचा ना पाई।
जानकारी अनुसार तेंदुआ वृद्धा को मारकर उनके घर से पांच खेत नीचे छोड़ गया। आपको बता दे कि तेंदुए ने 17 दिसंबर को भी बमनगांव के तोक सीमापानी के निकट हीरादेवी को मार डाला था। जानकारी अनुसार अभी
18 दिसंबर को चौखुटिया में बमनगांव के सीमापानी में महिला को तेंदुए ने मार डाला था फिर
6 नवंबर को बागेश्वर के द्यांगण गांव में तेंदुए ने मासूम को मार डाला था जिसके बाद 23 नवंबर को टनकपुर में शारदा रेंज में बाघ ने युवक को मार डाला था।
3 सितंबर को भी गरुड़ में तेंदुए ने मासूम बच्ची को मार डाला था और 19 सितंबर को बागेश्वर में भी तेंदुए ने मासूम को मार डाला। इन बढ़ती घटनाओं से पहाड़ के लोग डर के साये मे जी रहे है और शाम होते ही अब कोई भी अपने घरों से बाहर नही निकल रहा है।



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