सूबे मे मौसम भले ही ठण्डा हो और सियासत गर्म इतनी की हाथ मे रखे चावल की पोटली कुछ मिनट मे ही पक जाए। आपको बता दे ये सब इसलिए कि अभी हाल ही मे नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री और उनके करीबियों के स्टिंग को अपने पास होने का दावा किया था जिसके बाद भाजपा और कांग्रेस में सियासत गरमा गई है।
आपको बता दे कि इंदिरा के बाद कांग्रेस के प्रदेश अध्य्क्ष प्रीतम सिंह ने भी दावा किया है कि उनके पास स्टिंग की सीडी है।
बस फिर क्या था कुछ दिनो से सीएम ये सब कुछ सुन रहे थे लिहाज़ा उन्होंने अब कांग्रेस को खरी खरी सुना डाली ।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने रविवार को मीडिया से बातचीत में इंदिरा के स्टिंग वाले आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। सीएम ने साफ कहा है कि अगर इंदिरा के पास उनका स्टिंग है तो वो परेड ग्राउंड देहरादून में एक बड़ी स्क्रीन लगाकर उसका सार्वजनिक उसका लाइव प्रसारण करें। वही कांग्रेस के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इंदिरा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि स्टिंग करने वालों ने कांग्रेस को भी सारे तथ्य मुहैया करवाएं हैं, लेकिन पार्टी उसे अभी जारी नहीं करेगी।
शायद कांग्रेस अब इस मामले को पूरी तरह से सियासी रंग देकर आगामी लोकसभा के लिए मुद्दा बनाने की तैयारी में नज़र आ रही है।


कांग्रेस नेतृत्व के हमलावर रुख पर मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस को सीधी चुनौती देकर त्रिवेंद्र ने जनता को ये बता दिया है कि वो तो जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ ही प्रदेश चला रहे है । तभी तो उनके खिलाफ एक के बाद सडयंत्र रचा जा रहा है ।
बहराल त्रिवेन्द्र सरकार ने विपक्ष के बयान के बाद अपने दामन को बेदाग साबित करने की कोशिश की है। जिससे लगता है कि सीएम त्रिवेन्द्र ओर भाजपा इस मुद्दे पर मजबूत रणनीति के साथ जनता तक अपनी बात कहेगे ।
तो वही सूत्र बोल रहे है कि कांग्रेस अब पूरे स्टिंग प्रकरण पर चैनल की तरफ नज़र लगाए बैठी है कि जैसे ही किसी चैनल पर कोई स्टिंग चले तब वह उसको मुदा बनाकर लोकसभा के चुनाव मे कूदे।
काँग्रेस का ये दावा है कि मुख्यमन्त्री के करीबियों का स्टिंग करने वाले चैनल ने उन्हें सीडी मुहैया करवाई है। बहराल विपक्ष का काम आरोप लगाने का है जो जायज भी वरना फिर विपक्ष किस बात के ।
लेकिन एक बात सच है जब से यानी 18 मार्च 2017 से सीएम त्रिवेन्द्र रावत राज्य के मुख्यमंत्री बने फिर उनका उस दिन से ही ये सीधा ऐलान की अब जीरो टॉलरेंस की नीति से होगा काम। और लड़ा जाएगा भर्स्टचार के खिलाफ धर्मयुद्ध बस तब से सीएम त्रिवेन्द्र के खिलाफ लगातार षडयंत्र पर षड्यंत्र जारी है।
सूत्र बोलते है कि ये षडयंत्र भी कोई और नही बल्कि सीएम त्रिवेन्द्र के राजनितिक विरोधी रच रहे है ।वो भी हर जगत के कुछ कुछ लोगो को साथ लेकर ।

बहराल इस छोटे से राज्य का यही दुर्भाग्य है कि राज्य के सीएम को टिक कर काम नही करने दिया जाता उनकी कुर्सी के पीछे वो लोग हाथ धो कर पढ़ जाते है जिनकी राजनीतिक महत्वकाक्षा बहुत अधिक होती है । ओर यही सब त्रिवेन्द्र के साथ भी हो रहा है पर इसमे सबसे ख़ास बात ये है कि सूत्र बोल रहे है कि यहां सीएम त्रिवेन्द्र के खिलाफ षडयंत्र करने वाले लोगो की संख्या मे इज़ाफ़ा अधिक हो गया है ।
अब देखना ये होगा कि ओर इतंज़ार उस दिन का है जब खुद सीएम त्रिवेन्द्र रावत अपने खिलाफ या अपनी सरकार के खिलाफ षडयंत्र करने वालो के नाम का खुलासा करेगे ।



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