त्रिवेन्द्र रावत की सरकार भी जानती है कि राज्य को चलाने के लिए कर्ज़ लेना पड़ता है । ओर राज्य अभी तक 47 हजार करोड़ के कर्ज के निचे आ चुका है ।भले ही कर्ज़ लेना बुरी बात ना हो पर राज्य की आय कैसे बड़ाई जाए इस पर अब त्रिवेन्द्र सरकार सोचने लगी है ।
आपको बता दे कि चारधाम यात्रा में हेली सेवाओं के बढ़ते कारोबार को देख अब त्रिवेन्द्र सरकार भी अपनी हेली कंपनी संचालित करने की तैयारी कर रही है। जानकारी अनुसार निजी कंपनियां की हेली सेवाओं से प्रदेश में एक साल 135 करोड़ का कारोबार कर रही हैं। जबकि राज्य सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग को रॉयल्टी के नाम पर सिर्फ 12 से 15 करोड़ रुपये सालाना ही मिल पा रहा है । ओर निजी कंपनियां सरकारी संसाधनों का ही इस्तेमाल कर करोड़ो का कारोबार कर रही है ।


ऐसे में अब त्रिवेन्द्र सरकार आने वाले समय मे निजी कंपनी की जगह सरकारी कंपनी की संभावनाओ को तलाश रहा है । आपको बता दे कि वर्तमान में चारधाम यात्रा के लिए नौ हवाई कंपनियां प्रदेश में हेली सेवाएं संचालित कर रही हैं। ओर चार्टर्ड सेवाओं में कंपनियों को भारी मुनाफा होता है। सर्वाधिक उड़ानें फाटा से केदारनाथ की बुक होती हैं।
अगर सरकार की अपनी हेली कंपनी बन गई तो प्राइवेट कंपनियों की मनमानी पर विराम भी खुद ब खुद ही लग जाएगा।
पर इसके लिए त्रिवेन्द्र सरकार को चाइए की वो हेलीकाप्टर को लीज पर ना ले बल्की खुद के अपने खरिदे । ओर कुछ हेलिकाफ्टर डबल इज़न वाले भी हो ।जब वेतन भत्ते देने के लिए कर्ज लिया जा सकता है तो राज्य की आय जहाँ से बढ़ सकती है उसके लिए भी कर्ज़ लेकर कारोबार किया जा सकता है । साथ ही इससे दो फायदे होंगे एक बड़ा फायदा ये होगा कि जब लीज पर हेलिकाफ्टर नही लिया जाएगा टि कमिशन ओर सैटिंग खत्म हो जाएगी मतलब जीरो टालरेश ।


दूसरा निजी हेली कंपनी से सरकार कुछ टिकट के दाम कम भी कर सकती है ।जिससे भक्तों को राहत मेलगी ।
ओर राज्य की आय में इजाफा भी होगा ।अब बात हेलिकाफ्टर खरिदेने के लिए बजट की व्ययवस्था की तो यहाँ पर डबल इज़न की सरकार डबल इंजन के हवाई जहाज़ खरीदने के लिए मदद करे राज्य की । ओर जो कमी रह जाय उसके लिए कर्ज ले बाज़र से त्रिवेन्द्र सरकार । इस प्रस्ताव को बनाने का काम राज्य के नोकरशाह का है अगर वी भी जीरो टालरेश की नीति से क़् कर रहे होंगे तो जल्द ही इसका ब्लू प्रिंट बनकर तैयार होकर मदद के लिए केंद सरकार के पास प्रस्ताव पहुचना चईये ।तभी तो कहलायेगी त्रिवेन्द्र सरकार डबल इज़न की सरकार ।और त्रिवेन्द्र सरकार राज्य की आय कैसे बड़ाई जाए , आय के संसाधान कैसे बढाये जाए इस पर काम कर रही है तो सरकार को सुभ कामनाये



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