आपको बता दे कि ख़बर है कि योग गुरु बाबा रामदेव ने संसद में कानून बनाकर अयोध्या में राम मंदिर बनाने की बात दोहराते हुए कहा कि देश में मोदी और योगी की सरकार रहते हुए भी यदि राम मंदिर नहीं बनता तो भाजपा से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। ओर ये भाजपा और देश दोनों के ही हित में नहीं होगा।
ये बात मंगलवार को उत्तरी हरिद्वार स्थित शदाणी दरबार के नवनिर्मित भवन के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के बाद निकली योग गुरु राम देव बाबा पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि भगवान राम भारतीय जनमानस की आस्था के प्रतीक हैं।
ओर उनके मंदिर निर्माण का मसला देश की अस्मिता से जुड़ा है। ओर इसमें विलंब से हिंदुओं का धैर्य जवाब दे रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि देश का जनमानस यदि खुद ही राम मंदिर बनाने का काम करता है तो यह ठीक नहीं होगा, क्योंकि इससे सामाजिक समरसता के भी दरकने का खतरा बनेगा और कानून व्यवस्था का भी संकट हो सकता है।


इसलिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि संसद में कानून बनाकर ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए। साथ उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर अब नहीं बन सकता तो कब बनेगा।
आपको बता दे कि मंगलवार को शदाणी दरबार के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण उदासीन कार्ष्णि पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी गुरू शरणानंद महाराज, स्वामी सत्यामित्रानन्द गिरि महाराज और दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने किया।
इस सुभ अवसर पर स्वामी गुरू शंरणानंद महाराज ने कहा कि संत ईश्वर अंश है जो मानवमात्र का कल्याण करने के लिए धरा पर अवतरित होते हैं। संत चलते-फिरते तीर्थ हैं। जो भी इनके सानिध्य में आता है।
उनका कल्याण हो जाता है। भारत माता में मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने शदाणी दरबार के परमार्थ के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रतिवर्ष पाकिस्तानी हिंदुओं को तीर्थयात्रा कराकर शदाणी दरबार भारत-पाकिस्तान के हिंदुओं के मध्य सद्भावना के सेतु का कार्य करता है।
वही श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी ने कहा कि तीर्थनगरी हरिद्वार में शदाणी भक्त निवास परमार्थ के कार्यों का केंद्र बनेगा। इस अवसर पर पर शदाणी दरबार के पीठाधीश्वर डा. संतश्री युधिष्ठर लाल ने कहा कि गुरुदेव की कृपा से यह प्रयास साकार हुआ है।

इस अवसर पर स्वामी प्रेमानन्द, स्वामी गंगादास उदासीन, श्रीमहंत ललितानंद गिरि, स्वामी विवेकानंद, लाल माता मंदिर के संचालक भक्त दुर्गादास, भारत माता मंदिर के मुख्य न्यासी आईडी शर्मा शास्त्री, विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश मंत्री प्रदीप मिश्र मौजूद रहे ।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here