आपको बता दे कि ख़बर ये है कि
हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज में जलौनी मे लकड़ी लेने गए एक युवक को बाघ ने मार डाला। उसका शव छीनीगोठ वन चौकी से लगभंग सात किमी दूर भूमिया मंदिर पास मिला। गश्त के दौरान वनकर्मियों को जब एक चप्पल और कुल्हाड़ी पड़ी मिली तो उन्होंने इसकी सूचना शारदा रेंज को दी।
बस फिर क्या था आसपास की जगह मुआयना किया तो कुछ दूर झाड़ियों में शव मिला। वन विभाग और पुलिस की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। आपको बता दे कि शारदा रेंज और चंपावत वन प्रभाग के बूम रेंज में एक साल में बाघों ने पांच लोगों को मार डाला है।
आपको बता दे कि शारदा रेंज के जंगल से लगे मल्ली छीनीगोठ निवासी मजदूर किशन राम 23 साल का पुत्र स्व. प्रदीप राम बृहस्पतिवार शाम जलौनी लकड़ी लेने शारदा रेंज के छीनी कंपार्टमेंट के कक्ष संख्या 7 बी के जंगल में गया था लेकिन वह रात को घर नहीं लौटा। परिजनों ने भी सोचा कि वह अपने दोस्त के घर ही रुक गया होगा।इसलिए वो भी बेफ़िक्र सो गये
पर जब शुक्रवार सुबह दोगाड़ी रेंज के वन दरोगा भूपाल चंद्र पांडेय और जमन सिंह अधिकारी शारदा रेंज के जंगल में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें भूमिया मंदिर के पास एक चप्पल और कुल्हाड़ी मिली।
जिसकी सूचना शारदा रेंज को दी। इस पर डिप्टी रेंजर कैलाश गुणवंत, वन रक्षक प्रहलाद सिंह मेवाड़ी, गिरीश पांडेय समेत कुछ लोगों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और खोजबीन की तो घटनास्थल से कुछ दूर झाड़ी में युवक का शव मिला। बाद में वन विभाग का अन्य स्टाफ और कोतवाल चंद्रमोहन सिंह भी फोर्स लेकर वहां पहुंच गए।
आपको बता दे की रेंजर गुणवंत ने बताया कि पहले जब शव देखा गया तो वह पूरा सुरक्षित था, लेकिन विभाग के अन्य स्टाफ और पुलिस फोर्स के पहुंचने पर जब शव को कब्जे में लेने गए तो सिर और धड़ अलग-अलग मिले।
ओर बाघ सिर को इतना खा चुका था कि उसकी पहचान कर पाना मुश्किल था। वनकर्मी और पुलिस शव को छीनीगोठ वन चौकी ले आए, जहां किशन राम के भाई गोविंद राम ने उसकी पहचान की। कोतवाल ने बताया कि पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था
बहराल गाँव वालो मे दहसत का माहौल है क्योकि एक साल के अंदर इसी क्षेत्र में बाघ 5 लोगो को अपना शिकार बना चुका है ।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here