CM रावत की सुरक्षा में अब होगा डबल इजाफा, कोई भी उपकरण सीएम तक नही पहुँच पायेगे !

 

ख़बर देहरादून से है जहा स्टिंग मामले में एक निजी न्यूज चैनल के सीईओ  की गिरफ्तारी के बाद उत्तराखंड़ के शासन से लेकर राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है. आपको बता दे कि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्टिंग की नाकाम कोशिश के बाद अब अधिकारी हरकत में आ गये हैं. ओर अब एक ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि कोई भी प्रदेश के मुखिया तक किसी तरह के उपकरणों के साथ न पहुंच सके.

आपको बात दे कि पहले तो सीएम से हर किसी को मिलने की इजाजत ही नहीं दी जाएगी. अगर कोई मिलना चाहे भी तो उसके ऊपर कैमरे की तो नजर होगी ही साथ ही उसे एक सुरक्षा मशीन से गुजरना होगा, जिसमें सीएम से मिलने वाले व्यक्ति की पूरी स्कैनिंग की जाएगी. ऐसी टाइट सिक्योरिटी के बीच किसी भी तरह के यंत्र को लेकर अब मुख्यमंत्री के पास तक पहुंचना अब असंभव होगा.

ऐसे में गृह विभाग भी अपने स्तर से मुख्यमंत्री सहित तमाम बड़े अधिकारियों और बड़े विभागों की सुरक्षा बढ़ाने जा रहा है.

अब खबर है कि गृह विभाग सुरक्षा को लेकर एक बैठक बुलाने जा रहा है. इसमें मुख्यमंत्री से मिलने वाले हर व्यक्ति की गहनता से जांच करने और कुछ ऐसे यंत्रों को लगाने के विषय पर भी चर्चा होगी जिससे कैमरे सहित दूसरे यंत्र को कोई भी अपने साथ न ले जा सके.


राज्य के
प्रमुख सचिव गृह आनंद वर्द्धन ने बताया कि इस मामले को लेकर जल्द ही एक बैठक बुलाई जा रही है. इस बारे में सोचा जाएगा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित दूसरे गणमान्य की सुरक्षा में और क्या-क्या उपकरण इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
प्रमुख सचिव गृह की मानें तो ये मामला प्रकाश में आने के बाद सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया है. हालांकि, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के पास अभी भी बुलेट प्रूफ सुरक्षा के साथ-साथ वाई श्रेणी की सुरक्षा है जो मुख्यमंत्री की घेराबंदी करती है.

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