सीएम त्रिवेन्द्र ने जताया दुःख नही रहे विकास पुरूष n.d तिवारी

सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने  दुःख जतया

 

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और राज्यसभा सांसद  अनिल बलूनी  ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री नारायण दत्त तिवारी जी के निधन पर गहन शोक प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि तिवारी जी के निधन से प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति में जो शून्य उभरा है उसकी भरपाई नहीं हो पाएगी। स्वर्गीय तिवारी ने देश के स्वाधीनता संग्राम से लेकर देश की राजनीति और लोकतंत्र को पुष्ट करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

 

अभी तक ख़बर सीएम की  फेस  बुक से ली गई है आगे की जानकारी जुटाई जा रही है ।

उत्तराखंड बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता सतीश लखेड़ा ने भी तिवारी जी के निधन पर दुःख व्यक्त किया।

नहीं रहे उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी, दिल्ली के मैक्स में ली आखिरी सांस

उत्तराखंड के विकास पुरुष नारायण दत्त तिवारी ने आज दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में आखिरी सांस ली। एनडी के निधन से राजनीति पार्टियों में शोक की लहर दौड़ गई।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी को ब्रेन स्ट्रोक आने के कारण 29 सितंबर 2017 से दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती थे।

पिछले छह महीने से उनकी हालत काफी नाजुक थी। इस दौरान कई बार उनके निधन की खबरें भी आईं। लेकिन आज अपने 92वां जन्मदिन के मौके पर उन्होंने आखिरी सांस ली। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट कर उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की और उनके निधन को राजनीतिक जगत की बड़ी क्षति बताया।

नारायण दत्त तिवारी देश के पहले ऐसे राजनीतिज्ञ थे, जिन्हें दो-दो राज्य का मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ। वह नेहरू-गांधी के दौर के उन चंद दुर्लभ नेताओं में थे, जिन्होंने आजादी की लड़ाई में सक्रिय योगदान दिया।

केंद्र में वित्त, विदेश, उद्योग, श्रम सरीखे अहम मंत्रालयों की कमान संभाल चुके एनडी तिवारी को जब उत्तराखंड सरीखे छोटे राज्य की कमान सौंपी गई तो उत्तराखंड की आंदोलनकारी शक्तियां असहज और स्तब्ध थी।

उत्तराखंड के विकास में एनडी का अहम योगदान
जानकारों की मानें तो जिस समय एनडी तिवारी को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया, उस वक्त एनडी तिवारी उत्तराखंड में अवस्थापना विकास और उद्योग की आधारशिला रखने में कामयाब हुए थे।

उनके अनुयायियों ने एनडी के लिए विकास पुरुष की उपमा गढ़ी। उनके पक्ष और विपक्ष में बैठे प्रतिद्वंद्वी भी उत्तराखंड के विकास में एनडी के योगदान की दाद देते हैं।

मुख्यमंत्री बनने के बाद एनडी ने अपने केंद्रीय रिश्तों के दम पर निवेशकों को उत्तराखंड आने को विवश किया। राजमार्गों और सर्किल मार्गों को रिकॉर्ड समय में तैयार कराया। नये राज्य की तरक्की उनके विजन से ही उनके उत्तराधिकारी आगे की राह तैयार करते आए हैं।

 

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