बीजेपी से बिना होर्डिंग बेनर वाले को मिलेगा दून से मेयर का टिकट !

उत्तराखंड़ राज्य मे निकाय चुनाव का ऐलान हो चुका है अब सबकी नजर लगी है कि बीजेपी कहा से किस को मेयर का उम्मीदवार बनाएगी , ओर किसी की किस्मत में होगा मेयर का टिकट, इन सब मे सबसे ज्यादा नज़र देहरादून पर लगी है कि बीजेपी देहरादून से किस को टिकट देगी। इस निकाय चुनाव मे बीजेपी के उम्मीदवारो को जिताना ओर बीजेपी का वर्चस्व बढ़ाना सीएम त्रिवेन्द्र रावत के लिए अग्नि परीक्षा से कम नही। ओर अब अतिक्रमण हटाओ अभियान के बाद तो कयास लगाए जा रहे है कि पार्षद से लेकर मेयर तक का टिकट उसको दिया जाएगा जो जिताऊ उम्मीदवार हो जिसकी खुद की जनता के बीच अच्छी साख हो , जिसका राजनीतिक विरोध कोई भी पार्टी का कार्यकर्ता से लेकर नेता ना करे। क्योकि सीएम अब हर हाल मे अपने या किसी ओर नेता के खास लोगो को टिकट तभी देगे जब सो सीट निकालने का दम रखते हो जिनकी छवि साफ हो और जनता के बीच उनका जनाधार अच्छा खासा हो ।

देहरादून की अगर बात करे तो बीजेपी से मेयर पद के लिए टिकट की रेस मे सुनील गामा, उमेश अग्रवाल,ओर अनिल गोयल का नाम जोरो पर चल रहा है । उमेश अग्रवाल भी पूरी तैयारी कर चुके है तो सरकार के साथ हर मंच पर देखे जाने वाले सुनील गामा को बीजेपी मेयर का टिकट दे देगी ! ये कहा जा रहा था लेकिन अभी बनते बिगड़ते समीकरण ये बोल रहे है की सुनील गामा ओर उमेश अग्रवाल को पीछे छोड़कर मेयर का टिकट बीजेपी नेता अनिल गोयल को दिया जा सकता है !आप को बता दे कि बीजेपी नेता अनिल गोयल की छवि साफ है और वो एक व्यापारी होने के साथ साथ व्यापारियों के नेता भी है इसलिए पूरे नगर निगम क्षेत्र की जनता उन्हें बखूबी जानती है। खास कर
देहरादून का व्यापारी समाज। अनिल गोयल की सेवाएं जब जब बीजेपी पार्टी को जरूरत पड़ती है गोयल साथ खड़े रहते है उदहारण है कि अनिल गोयल को राज्य सभा का बीजेपी ने उम्मीदवार जब जब बनाया जब बीजेपी खुद ओर गोयल खुद जानते थे कि उस दौरान कांग्रेस सरकार के समय वो राज्य सभा नही जा सकते ,पर उन्होंने पार्टी की बात को स्वीकार किया ।


कायदे से इस बार अनिल गोयल को राज्य सभा मे होना था लेकिन बीजेपी हाईकमान ने तेज़ ओर वरिष्ठ युवा नेता पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी को पसंद किया ,तभी भी अनिल गोयल ने नाराजगी नही जताई , ओर चुप चाप रहे माना जा रहा है कि बीजेपी हाईकमान के कुछ वो नेता जो दिल्ली मे रहते है वो भी चाहते है कि अनिल गोयल को ही देहरादून से मेयर का टिकट दिया जाए इसकी एक अहम वजह अभी हाल मे ही निकल आई है ।माननीय कोर्ट के आदेश का पालन सरकार कर रही है और अतिक्रमण हटा रही है जिससे बहुत से व्यापारी लोग नाराज है उनका कहना है कि ये सरकार मलिन बस्तियों को तो बचाने के लिए कुछ भी कर रही है पर हमसे तो एक बार बात करना भी मुनासिब नही संमझा ओर अब ये माना जा रहा है कि ये पूरा वर्ग इस निगम के चुनाव मे अपनी खीज उतरेगा ! अनिल गोयल व्यापारियों के नेता है इसलिए उनको मेयर का टिकट देकर डेमेज होने वाले वोट बैंक को भी यहा पर बीजेपी सुरक्षित रखना चाहेगी । खेर आगे क्या होता है और किस को टिकट मिलता है ये तो बीजेपी के सीएम त्रिवेन्द्र रावत ओर बीजेपी हाईकमान ही जाने ।पर इन सब बातों के बीच दो बार मेयर रहे और वर्तमान मे धर्मपुर विधानसभा के विधायक विनोद चमोली भी अंदर खाने यही चाहते है कि उनको तीसरी बार मेयर के लिए टिकट मिल जाए क्योकि खबर है कि इस प्रचंड बहुमत मे धर्मपुर के विधायक की उपेक्षा हो रही है इसलिए चमोली को लग रहा है कि विधायक से अच्छी पावर तो मेयर की ही है तो फिर क्यो ना एक बार फिर मेयर के लिए दोबारा टिकट मांगा जाए । खेर देखो आगे आगे क्या क्या होता है पर मेयर का टिकट अगर सुनील गामा को ना मिला तो चर्चा है कि फिर गामा को ओर उमेश अग्रवाल को महत्वपूर्ण दायित्व देने की बात कह कर उन्हें अनिल गोयल का साथ देने को कहा जाएगा ओर बाद मे उनको दायित्व वाली कुर्सी पर बैठा दिया जाएगा ।. ओर आपको एक बात ये भी बता दे कि पूरा देहरादून सुनील गामा ओर उमेश अग्रवाल के होर्डिंग बेनर से भरा पड़ा है और इस बार कही ये ना हो जाये कि बिना अब तक लगे होर्डिंग बेनर वाले को बीजेपी मेयर का टिकट दे ओर नाम अनिल गोयल! । आपको ये भी बता दे कि अगर अनिल गोयल को टिकट नहीं मिल पाया तो फिर उमेश अग्रवाल और सुनील गामा से किसी को भी टिकट मिल सकता है पर ख़बर है कि सुनिल गामा को राज्य युवा कल्याण परिषद का अध्यक्ष ओर उमेश अग्रवाल को गढ़वाल मंडल विकास निगम का अध्यक्ष बनाया जायेगा
बहराल जल्द ही तस्वीर आपके सामने आयेगी जिसको भी टिकट मिलेग उसके बाद बोलता उत्तराखंड़ आपको बता देगा कि ये उम्मीदवार मेंयर बनेगा या नही मतलब जीत  पाएगा या नही ।

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