त्रिवेन्द्र सरकार के दावे की खुली पोल सच्चाई जानकर आप भी हैरान होंगे !

राज्य मे भले ही त्रिवेन्द्र रावत की सरकार  स्वच्छता मिशन के तहत शत-प्रतिशत शौचालय बनाए जाने के दावे खूब जनता के आगे से लेकर मीडिया में लगातार कर रही हो पर हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। आपको बता दे कि जौनपुर के अनुसूचित बस्ती सौड़ी में अभी तक एक भी शौचालय नहीं बन पाया है, जो त्रिवेन्द्र सरकार के साथ साथ स्वच्छता मिशन की पोल भी खोल रहा है। 

आपको बता दे की टिहरी जिले के जौनपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बंगार के अनुसूचित जाति बस्ती सौडी है, जहां पर अनुसूचित जाति के 25-30 परिवार निवास करते हैं। लेकिन इस बस्ती में आज तक एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, जिस कारण आज भी यहां के सभी ग्रामीणों को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।  जो बया करता है कड़वा सच ।कि ये है हकीकत भले ही कागजों ओर आंकड़ों में सरकार ने हर जगह शौचालय बना दिये हो पर धरातल की तस्वीर ये गाँव बता रहा है और ना जाने लभी ऐसे कितने गाँव ओर भी हो सकते है।

आपको बता दे की इस गाँव के लोग बेहद गरीब तो है ही साथ ही इनके पास रोजगार के संसाधन भी नहीं है। यही नहीं, यह बस्ती सड़क पेयजल आदि कई सुविधाओं से महरूम है। पृथक राज्य बनने के 18 साल के बाद इन बस्तियों के लिए शौचालय बनाने की दिशा में कोई कार्य नहीं हो पाया है। एक ओर महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर संपूर्ण भारत वर्ष को स्वच्छता के लिए प्रेरित किया जा रहा है वहीं सौडी अनूसूचित जाति बस्ती के लोग अभी तक स्वच्छता के मायने नहीं समझ पाए हैं। जनप्रतिनिधियों ने भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

आपको बता दे कि स्थानीय निवासी रामदयाल ने बताया कि इस बस्ती के लोगों को आज तक किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। यहां पर पीने के लिए पानी की कोई पाइप लाइन आज तक नहीं बन पाई है। यहां पर विधायक निधि या सांसद निधि का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ, जिस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। विकास के दावे यहां खोखले साबित हो रहे हैं। जौनपुर के खंड विकास अधिकारी जयपाल बनवाल ने बताया कि ग्राम प्रधान से मनरेगा के तहत शौचालय निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा जा रहा है। प्रस्ताव मिलने के बाद शीघ्र गांव में शौचालय निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यानी जब जब मीडिया सवाल करे तब तब हर जगह यही जवाब मिलता है कि जल्द ही सब कुछ हो जाएगा पर सवाल तो यही है कि पहले से क्यो सब कुछ नही हुवा । दूसरी बात इनका जल्दी कभी नही आता।
लिहाज़ा मुख्यमंन्त्री को यहा पर जिम्मेदार अधिकारी से लेकर वहां के नेताओ को जल्द से जल्द फटकार लगानी चाइए । क्योकि साख तो डबल इज़न की ही खराब हो रही है। बहराल अब देखते है कब तक मुख्यमंत्री खुद इस मामले का सज्ञान खुद लेकर कोई निर्णय लेकर उचित कार्यवाही करते है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here