इन्वेस्टर्स समिट में गृहमंत्री राजनाथ सिंह कड़वा सच भी बोल गए , सरकार की असली परीक्षा अब!

 

आपको बता दे कि दो दिवसीय उत्तराखंड इन्वेस्टर्स समिट के समापन सत्र में गृहमंत्री राजनाथ सिंह बोले कि उत्तराखंड के आर्थिक विकास का जब भी इतिहास लिखा जाएगा, उसमें इन्वेस्टर्स समिट का जिक्र जरूर होगा। उन्होंने कहा कि पहली बार इन्वेस्टमेंट को लेकर इतने बड़े आयोजन के लिए त्रिवेन्द्र रावत बधार्इ के पात्र है। उन्होंने त्रिवेन्द्र रावत की तारीफ की। साथ ही क्रिकेटर पृथ्वी शॉ का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि त्रिवेन्द्र ने पहले ही टेस्ट मैच  में शतक लगा दिया

ग्रह मन्त्री राजनाथ सिंह ने कहा कि संगठन के कारण मैंने उत्तराखंड का सर्वाधिक दौरा किया है। आर्थिक दृष्टी के कमजोर होने के कारण यहां पलायन हुआ है। लेकिन अब जिस प्रकार से प्रयास किए जा रहे हैं उससे पलायन तो रुकेगा ही, साथ ही जो लोग यहां से गए हैं वह भी वापस आएंगे। इस समय उत्तराखंड और केंद्र में स्थायी सरकार है। 2019 के चुनावों में क्या होगा, यह मुझे बताने की जरूरत नहीं है। इसलिए मैं अभी दोनों सरकारों को स्थायी कह रहा हूं।

उन्होंने कहा कि विकास की सबसे बड़ी कड़ी सुरक्षा होती है, और उत्तराखंड की विशेषता ही लॉ एंड ऑर्डर है। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने मुझे बताया था कि उत्तराखंड बेहद सुरक्षित है। यहा क्राइम चैलेंज नहीं है। इसलिए मैं उत्तराखंड को आइडल स्टेट मानता हूं। इनवेंस्टमेंट के लिए इससे बेहतर स्थिति और कहीं नहीं हो सकती। (उत्तराखंड में प्राकृतिक संसाधन और मानव संसाधन की नहीं बल्कि सामंजस्य की कमी  है  जिसे  दूर करने की जरूरत।)

ये ही बात और कड़वा सच बोल गए राजनाथ सिंह जी  ये सामंजस्य ही पिछले 17 सालों  से बनता नही दिखा राज्य मे।  अधिक महत्वाकांक्षी नेताओ के  स्वार्थ के चलते राज्य का विकास  गड्ढे में चला गया ।गहरी खाई में चला गया उत्तराखंड  इस बात को पीएम  सर ने  भी  राज्य मे चुनाव से पहले कहा था । अब त्रिवेन्द्र सरकार ने 2 सालो मे राज्य को कितना गहरी खाई या गड्ढे से बाहर निकला ये 18 मार्च 2019 को तय होगा। फ़िलहाल तो त्रिवेन्द्र सरकार का ये  प्रयास है जो सफल हुवा तो 2025 तक राज्य बहुत आगे निकल चुका होगा ।

आपको बता दे  कि ग्रह मंत्री जी  ने कहा कि मेरा मानना है कि उत्तराखंड के रहने वाले लोग भी बहुत अच्छे हैं, यहां के लोग बड़े मन के होते हैं। देश के लिए शहीद होने वाले लोग उत्तराखंड में ही मिलेंगे। इसलिए इसे देवभूमि कहा जाता है।
आपको बता दे कि समिट के समापन सत्र में शिरकत करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर बाद देहरादून पहुंचे थे वह विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से वह समिट स्थल के लिए रवाना हुए। इससे पहले जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उन्होंने देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच चलने वाली नौ सीटर फ्लाइट को झंडी दिखाकर रवाना किया।

जिसके बाद वह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक के साथ रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुचे थे
आपको बता दे कि इन्वेस्टर्स समिट के समापन पर प्रदर्शनी आम जनता के लिए भी खोल दी गई है। सीएम त्रिवेंद्र रावत ने इन्वेस्टर्स समिट में प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रत्येक स्टाल का निरीक्षण किया। बाद में पत्रकारों से बातचीत ने सीएम ने कहा कि समिट को लेकर निवेशकों के साथ ही सरकार में भी खास उत्साह है। ये पहल राज्य के लिए वरदान साबित होगी।
सीएम ने ये भी कहा कि यह दीर्घकालीन प्रोजेक्ट है और इसे आकार लेने में वक्त लगेगा। आने वाले चार से पांच सालों में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। समिट के दूसरे दिन राज्य सरकार कई निवेशकों के साथ एमओयू हस्ताक्षरित किए। इसके साथ ही कृषि एवं औद्यानिकी, हेल्थ केयर एंड वेलनेस, एमएसएमई, स्टार्ट अप, शिक्षा एवं कौशल विकास पर तकनीकी सत्र हुए।
आपको बता दे कि इन्वेस्टर्स समिट का अंतिम दिन समापन सत्र में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ओर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सभी निवेशकों को दिया धन्यवाद, समिट की ज़िम्मेदारी संभालने वाली चार महिला अधिकारियों समेत सभी अन्य अधिकारियों को दिया धन्यवाद। ख़बर है कि लगभग 1 लाख 20 हज़ार करोड के 601 mou पर हुए हस्ताक्षर। हुए है
बहराल सरकार ने अपने हिसाब से जो   भी   तैयारिया             कि थी उसको तो अमलीजामा पहनाकर धरातल पर सरकार ने उतार ही दिया है अब देखना ये होगा कि जो लगभग 1 लाख 20 हज़ार करोड़ के 601 mou निवेश के लिए जो हस्ताक्षर हुए है वो कब तक ओर कितनी जल्दी धरातल पर उतरते है उस पर सबकी नजर रहेगी क्योकि उत्तराखंड़ की जनता जिसने प्रचण्ड बहुमत दिया ख़ास कर उन लोगो की । विपक्ष भले ही इसे जुमला कहे पर सरकार बनाने वाली जनता ही होती है लिहाज़ा वो 2022 तक देख लेगी की कितने निवेशक ने निवेश राज्य मे किया। और अब यही है त्रिवेन्द्र सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा होगी । बहराल हम तो यही  जानते है। कि  जितने भी mou हस्ताक्षर हुए है  अगर उसके आधे भी  धरातल पर उतर गए  तो राज्य तो  चमकेगा  , रोजगार भी   युवाओ को मिल ही जाएगा ।और  त्रिवेन्द्र  रावत फिर 2022 से 27 का नारा युवा ही देगे ।   रविवार  को पीएम मोदी ने भी अपने भाषण में कहा था कि  यहा पर  जितनी भी अच्छी बाते सब बोल रहे है  हम उसे जल्द से जल्द धरातल पर भी देखना चाहते है । बहराल बोलता उतराखंड भी  चाहता है कि

निवेशकों ने जो  कहा वो   सच हो ।   सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत जी  को सुभकामनाये  ।

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