पीएम मोदी देहरादून मे उत्तराखंड में अच्छे दिन आरंम्भ !

11:10 am: रायपुर स्थित स्टेडियल में प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे। रिबन काटकर उन्होंने समिट का उद्घाटन किया।
10:52 am: प्रधानमंत्री की लैंडिंग के साथ एयरपोर्ट से रायपुर स्टेडियम तक जीरो जोन लागू कर दिया गया है। एसपी ट्रैफिक स्वयं रूट पर मौजूद हैं।
10:35 am : सुबह करीब साढ़े 10 बजे प्रधानमंत्री वायुसेना के विशेष विमान से जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां राज्यपाल बेबी रानी मौर्या और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एमआई-17 विमान से कार्यक्रम स्थल के रवाना हो गए।

आपको बता दे कि इन्वेस्टर्स समिट के जरिए मजबूत उत्तराखंड की उम्मीदें आसमान पर हैं। 12 कोर सेक्टर में मिले करीब 80 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में मुहर लगी राज्य में निवेश के लिए निवेशकों की रुचि को देखते हुए प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि निवेश होगा तो रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और पलायन रुकेगा। ओर त्रिवेन्द्र रावत मेहनत रंग लाएगी
आपको बता दे कि दो दिवसीय इन्वेस्टर्स समिट में देश-दुनिया के लिए नामी उद्योग घरानों के उद्योगपतियों समेत डेढ़ हजार से अधिक निवेशक व डेलीगेट्स देहरादून में हैं। अब तक 80 हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव सरकार को मिले हैं। वहीं 70 हजार करोड़ के प्रस्तावों पर निवेशकों के साथ करार हुआ है।

आज यानी रविवार को रायपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 बजे इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया ।

इस दौरान उन्होंने थीम पवेलियन में उत्तराखंड के विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया इस समिट में केंद्रीय रवि शंकर प्रसाद, नितिन गडकरी, अनंत जी गीते, सुरेश प्रभु, केजे अल्फोंस, राज्यवर्धन सिंह राठौर व अन्य केंद्रीय मंत्री और केंद्रीय मंत्रालय के अफसर भी सम्मेलन में मौजूद रहे । इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री, सांसद व विधायक अतिथियों की अगवानी मे व्यस्त रहे । इन्वेस्टर्स समिट में देश दुनिया के डेढ़ हजार से अधिक निवेशक व डेलीगेट्स भाग ले रहे है ।

आपको बता दे कि
राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड में अब तक जितना औद्योगिक निवेश हुआ है। उससे दोगुने निवेश के प्रस्ताव सरकार को इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से मिले हैं। 2001 से लेकर 2017 तक राज्य में एमएसएमई सेक्टर व बड़े उद्योगों में कुल 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ है। जबकि समिट के आयोजन से सरकार को प्रदेश में 80 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इसमें 70 हजार करोड़ के प्रस्ताव पर निवेशकों के साथ करार हो चुका है। ये निवेश धरातल पर उतरे तो उत्तराखंड के औद्योगिक विकास की तस्वीर बदलेगी और करीब दो लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इसके बाद प्रशिक्षित युवाओं को नौकरी के लिए प्रदेश से पलायन नहीं करना पड़ेगा।

उत्तराखंड में निवेश के लिए सरकार ने 12 कोर सेक्टर चिन्हित किए हैं। इसमें आयुष व वेलनेस, पर्यटन, फूड प्रोसेसिंग, हार्टिकल्चर एंड फ्लोरीकल्चर, फार्मास्युटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी, नेचुरल फाइबर, बायो टेक्नोलॉजी, सोलर ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, हर्बल एंड ऐरोमेटिक, फिल्म शूटिंग सेक्टर में निवेश के लिए निवेशकों की ओर इच्छा जताई गई।

छोटे उद्योगों में ज्यादा रोजगार
राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) में कम निवेश पर रोजगार की ज्यादा संभावना है। वर्ष 2016-17 तक प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र में 55 हजार उद्योग स्थापित किए गए। इसमें 11 हजार 600 करोड़ का निवेश किया गया। इसमें 2.72 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला। जबकि प्रदेश में 273 बड़े उद्योगों में 35 हजार करोड़ का निवेश कर 1.32 लाख लोगों को ही रोजगार मिला है।

औद्योगिक पैकेज से मिली राज्य में उद्योगों को गति
राज्य गठन के समय उत्तराखंड में 9000 करोड़ का पूंजी निवेश था। जो बढ़ कर 35000 करोड़ तक पहुंच गया है। वर्ष 2002 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी ने नैनीताल में उत्तराखंड के लिए औद्योगिक पैकेज की घोषणा की थी। वर्ष 2004 के बाद उत्तराखंड में औद्योगिक विकास में तेजी आई। एमएसएमई और बड़े उद्योगों में अब तक राज्य में करीब 48 हजार करोड़ का निवेश हुआ है।

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