2019 मे फिर पीएम मोदी की सरकार -अनिल बलूनी

उत्तराखंड के राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी को राज्य मैं ईमानदार छवि के नेता के नाम से पहचाना जाता है ओर जाना जाता है अनिल बलूनी ने जब राज्य सभा सांसद की जब सपथ ली थी तब ही  अपने इरादे साफ कर दिए थे कि वो उत्तराखंड राज्य को एक न्यू उत्तराखंड राज्य बनाने के लिए जी जान से काम करेंगे और केंद्र सरकार से उत्तराखंड राज्य को हर जरूरी मदद दिलाएंगे                                                 अनिल बलूनी ने इस कड़ी मे नैनीताल मैं अधिकारीयो की एक बेठक ली जिसमे अनिल बलूनी ने अधिकारियों को कहा कि वो नैनी झील के अलावा पेयजल के अन्य स्रोत भी तलाशें इसके साथ ही राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने अधिकारियों के साथ जो बैठक की उसमे झील के संरक्षण को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए सर्वे करने के निर्देश भी दिये नैनीताल स्थित राजभवन में अधिकारियों के साथ ये बैठक कर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने पेयजल के लिए सिर्फ नैनी झील पर निर्भर न रहने और अन्य स्रोतों की खोज करने की बात भी कही बलूनी ने कहा कि नैनीझील को बचाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार किया जाए। इसके लिए भारत सरकार पूरा सहयोग देगी। इसके साथ ही पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए कोसी या गौला से पंपिंग योजना की फिजिबिल्टी का सर्वे किया जाए।                                  बलूनी से जब मीडिया ने सवाल किए की आपके नए उत्तराखंड मै क्या क्या आता है तो अनिल बलूनी ने जवाब दिया कि नए उत्तराखण्ड बनाने के लिए सभी पर्वतीय जिलो मे मूलभूत व्यवस्था के साथ सभी पर्वतीय जिलो को मॉडल जिले बनायेगे विकास जो भी पहाड़ो मैं होगा वो संतुलित विकास होगा, उन्होंने कहा कि सबसे पहले पहाड़ के सभी जिलों में रहने वाले युवाओ को रोजगार से जोड़ा जाएगा ,सबको सरकारी नोकरिया नही मिल सकती और ना दी जा सकती है पर इन युवाओ को स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा ताकि ये नोकरी मागने की जगह अपने साथ वालो को रोजगार दे सके ,पहाड़ की महिलाओं की आर्थिक हालतों को ठीक करने का पूरा प्रयास मे राज्य सरकार जुट गई है और केन्द्र से जो भी सहयोग राज्य सरकार माँगेगी वो मिलेगा आप अभी आगे आगे देखते जाइये नया उत्तराखंड के निर्माण मैं राज्य सरकार जुट गई हैं और पूरा सहयोग केंद सरकार का है मेरी जरूरत जहां पर भी होगी मैं वहां पर अपना कर्तव्य पूरा करुगा ओर जब कोई बड़ा काम करना हो तो समय थोड़ा लगता है इसलिए देखते जाइये इंतज़ार करें जब पत्रकारो ने अनिल बलूनी जी से कहा कि भारत मे जो अभी उप चुनाव का रिजल्ट आया क्या लगता है आपको की 20019 आप लोगो के लिए कठिन परीक्षा होने जा रही ही तो अनिल बलूनी ने साफ साफ ओर विस्वाश ओर जोश के साथ बोल पड़े की आप देखते रहिए बीजेपी 2019 मे और मजूबत ओर अधिक ताकत से सत्ता में आ रही है आप उपचुनाव को 2019 से जोड़कर मत देखिए आपको बता दे कि अभी हाल मैं ही
देश के तमाम राज्यों में जो उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई जिसके बाद विपक्षी दलों ने भाजपा के खिलाफ पूरे देश मे माहौल बनाकर मोर्चा खोल रखा है तो सभी विपक्षी दलों ने तमाम सर्वाजनिक मंचो पर जनता के आगे एकजुट होने की बात कही है और मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जिस पर अनिल बलूनी कहते है कि भारतीय जनता पार्टी विपक्ष की इन बातों से इत्तेफाक नहीं रखती है। आप आगे
देखते रहिए हम 2019 में और ज्यादा सीटों से जीतेंगे ओर जो उपचुनावों को लोकसभा चुनाव 2019 से जोड़ कर देख रहे है वो लोग आगे मुंह की खाएंगे। अनिल बलूनी ने कहा कि 2014 के मुकाबले भाजपा को 2019 में और ज्यादा सीटें मिलेंगी। साथ ही बलूनी ने कहा कि जो विपक्ष एकजुटता की बात कसर रहा है ये सिर्फ कांग्रेस का खेल है उनका ढोंग है
उपचुनावों की हार पर स्थिति साफ करते हुए राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि उपचुनाव कभी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बनने के लिए नहीं होता है। उपचुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाता है। इससे कोई बड़ा निष्कर्ष नहीं निकलता है। उन्होंने कहा कि हाल में हुए विधानसभा चुनावों में हर जगह कांग्रेस हारी है
ओर अगर बात करे तो गुजरात में 22 साल बाद भी कांग्रेस को हार का मुंह देखना पड़ा है। पहले यूरिया खाद को लेकर लाठीचार्ज होता था, किसान मारे जाते थे। जब से भाजपा सरकार आई है किसानों को यूरिया की किल्लत नहीं हो रही है। विपक्ष की एकजुटता कांग्रेस बता रही है, कोई विपक्ष एक नहीं हो रहा है। कई राजनेता अपने अपने प्रदेशों में चुनाव लड़ते हैं वह उत्तराखंड आकर चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। इसी तरह क्षेत्रीय पार्टियां अपने प्रदेश से बाहर चुनाव नहीं लड़ सकती हैं। बहराल जिस तरह अनिल बलूनी पूरे विस्वाश के साथ कह रहे है कि 2019 मै बीजेपी 2014 से भी ज्यादा सीट लेकर आ रही हैं ओर जो उप चुनाव हो गए उनसे लोकसभा के चुनाव मे कोई फर्क नही पड़ता तो बहुत कुछ सोच और समझकर ही बलूनी मीडिया के आगे बोल रहे होंगे पर ये सच है कि लोकसभा चुनाव जब होंगे यानी 2019 मे ओर सभी भारत के हर राज्य के विपक्षी दलों को एकजुटता मैं देखा गया तो एक तरफ बीजेपी होगी और दूसरी तरफ देश के सभी राज्य के विपक्षी दल साथ मैं हो गए तो फिर बीजेपी का हर बडा नेता जानता है कि आगे क्या होगा और कैसे ओर किन बातों को किन मुदो को लेकर बीजेपी फिर लोकसभा के चुनाव मे जनता के सामने होगी ये सब उन बात पर निर्भर करता है जिसकी तैयारी बीजेपी हाईकामानन ने काफी पहले से आरंभ कर दी है

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