उत्तराखंड: भूस्खलन ने बढ़ाई मुसीबत, दो नेशनल और 15 स्टेट हाईवे अवरुद्ध, 345 सड़कें बंद
आपको बता दे कि उत्तराखंड में शनिवार से हो रही बारिश ने इस समय  भूस्खलन की मुसीबत को बढ़ा दिया है अभी तक मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखंड मैं दो नेशनल और 15 स्टेट हाईवे अवरुद्ध हो गए हैं। वहीं, 345 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं जिन्हें जल्द से जल्द खोलने के निर्देश मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने दिए है
ख़बर विस्तार से उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सहित लगभग तीन दर्जन से अधिक मोटर मार्ग बाधित हो गए थे।
तो सड़क निर्माण से जुड़े विभाग अवरुद्ध सड़कों पर यातायात बहाली के प्रयास में जुटे थे, जिसके बाद देर रात को हाईवे खोले गए।
वही उत्तरकाशी के निकटवर्ती दिलसौड़ गांव को जोड़ने वाली सड़क का एक बड़ा हिस्सा भूस्खलन से तबाह हो गया है।तो प्रशासन ने जल्द ही सभी सड़कों को खोलने का दावा कर डाला है
उधर भूस्खलन के चलते रुद्रप्रयाग जनपद में दिल्ली बदरीनाथ माणा और रानीखेत में अल्मोड़ा घाट राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 15 स्टेट हाईवे भी बंद है तो बारिश के कारण आधा दर्जन पुल भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं जिनको खोंलने का काम लगातार जारी है
बता दे कि एक ही दिन में लगभग जब 1393 सड़कों पर जब मलबा आएगा तो प्रदेश में कई जगह यातायात अपने आप ही ठप होना आम बात है, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत चाहते है कि जल्द से जल्द इन सभी सड़क मार्गो को खोला जाए, जिसके चलते वे खुद लगातार फीड बेक भी ले रहे है
मगर इन सड़कों को खोलने में लोक निर्माण विभाग को भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
बता दें कि सोमवार तक 1048 सड़कों को ही खोला जा सका ओर अभी भी 345 सड़कें बंद है जिन्हें खोंलने का काम फिर सुबह से आरम्भ हो गया है। वही सड़कों से मलबा और चट्टानें हटाने के लिए विभाग ने लगभग 316 जेसीबी मशीनों को झोंक रखा है।
जहा प्रमुख मार्ग कुछ स्थानों से टूट गए है वहा विभागीय मशीनरी वैकल्पिक मार्ग तैयार कर रही है ताकि यातायात को सुचारु रखा जा सके । आज अगर मौसम साफ़ रहा तो लगभग सभी सड़कों को खोल दिया जाएगा ।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के दिशा निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों और फील्ड कर्मियों को पूरी तरह से चौकस रहने के लिए कहा गया है।
ये 30 प्रमुख मोटर मार्ग अब भी बंद है

रुद्रप्रयाग : बदरीनाथ-माणा एनएच, बांसवाड़ा-चंद्रनगर-मोहनखाल
रानीखेत : अल्मोड़ा-पानार-घाट
उत्तरकाशी : आराकोट-छिवा-बालचा
टिहरी : टिहरी हिंडोलाखा-देवप्रयाग, लंबगांव-प्रतापनगर-टिहरी
देहरादून : त्यूनी-पुरोला-नौगावं, चकराता-लाखामंडल, दारागाड़-कठियान-त्यूनी, साहिया-क्वानु
चमोली : पोखरी-गोपेश्वर, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, थराली-देवाल-मुंडोली-बाण, बिरही-गौना, घाट-रमणी, ग्वादम-नंदकेशरी, गौचर-सिडोली
पौड़ी : मार्छुला-सरायखेत-बैजरो-पोखड़ा-सतपुली-पौड़ी, लक्ष्मणझूला-दुगड्डा, घाटूगाड़-सिलोगी-लैंसडौन-रिखणीखाल-बीरोंखाल, थैलीसैंण-बुंगीधार-देघाट-जैनाल-मनीला-डोटीयाल-मर्छुला, कर्णप्रयाग-नौटी-पैठाणी, दुगडेवा-कालगाड़ी-खिर्सू-पोखरी, खेड़ाखाल-कंडाई, पाबौ-संतुधार, नौगांवखाल-चौबट्टाखाल-चौरीखाल
नैनीताल : गर्जिया-बेतालघाट-खैरणा-ओड़ाखान-मुक्तेश्वर, लक्ष्मीखान-नथुवाखान-कुराब
रामनगर-भंडारीपानी-आमगड़ी-बोहराकोट-ओखलडुंगा
पिथौरागढ़ : तवाघाट-नारायणआजम
बागेश्वर : बागेश्वर-डफोट
बहराल आज अगर मौसम ने साथ दिया तो तेज़ी से सड़क खोंलने के काम मे तेजी आएगी और यातायात की व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।
दूसरी तरफ कुमाऊँ गढ़वाल मैं आज के दिन भी मौसम विभाग भारी बारिश की चेतावनी दे चुका है।
मौसम केंद्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार आज कुमाऊं के ज्यादातर क्षेत्रों में भारी बारिश होने का अनुमान है,तो गढ़वाल के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है बता दे कि वहीं प्रदेश में 26 अगस्त तक भारी बारिश का क्रम बना रहने का अनुमान है। मौसम केंद्र निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि 26 अगस्त तक प्रदेश में बारिश जारी रहेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में दो से तीन दौर की भी भारी बारिश भी हो सकती है
लिहाज़ा सावधान रहै सतर्क रहे । ओर जागरूक रहे।

बता  दे कि उत्तराखंड को अभी तक लगभग 200  करोड़ का नुकसान हो चुका है तो लगभग 40 से  अधिक लोगो की दर्दनाक मौत हो चुकी है।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here