उत्‍तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बारिश ने एक बार फिर तबाही बचाई है। जिले के बंगापानी तहसील के गैला टांगा में रविवार देर रात एक बजकर 44 मिनट के आसपास बादल फटने से एक मकान मलबे में जमीदोज हो गया। प्राथमिक तौर पर तीन लोगों के मौत की सूचना आ रही है। टांगा गांव में 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि एक घायल है। सूचना पर एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन टीम, एसडीएम, विधायक घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। दोनों गावों में ग्रामीण खोज और बचाव कार्य मे जुटे हैं। अत्‍यधिक बारिश होने के कारण रास्‍ता बहने से मार्ग बंद हो गया है।

सेरा सिरतोला गांव के युवा बचाव के लिए पहुंच चुके हैं। सड़क पर मलबा आने के कारण टनकपुर-तवाघाट हाईवे बन्द हो गया है। दुर्गम क्षेत्र और नेटवर्क न होने के कारण स्‍‍थि‍ति की सटीक जानकारी नहीं मिला पा रही है। 

: उत्तराखंड: रविवार देर रात फिर मुनस्यारी पर टूटा बादलों का कहर, कई मकान बहे, 11 लोग लापता
दुःखद ख़बर
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में पहले शनिवार ओर फिर रविवार की रात भी बादलों ने जमकर अपना कहर बरपाया है बता दे कि गैला गांव में मकान जमींदोज होने से कुछ लोगो की मौत की दुःखद ख़बर है तो कुछ लो अभी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 5 से अधिक लोग घायल बताये जा रहै है
ओर इसी तहसील के टांगा गांव में भूस्खलन के दौरान पहाड़ी से निकले मलबे के साथ तीन मकान भी बह गए।
अभी तक इस घटना में प्रशासन ने 11 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है। आजकल मौसम के रौद्र रूप को देखते हुए पूरे सीमांत के लोग दहशत में हैं।
तहसील के एक दर्जन से अधिक गावों में बारिश ने भारी तबाही मचाई है। ओर खतरे की जद में आए परिवारों को शिफ्ट किया जा रहा है। मुनस्यारी को जाने वाली दोनों सड़कें फिलहाल बंद हैं।
वही गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगड़ गांव के पांच मकान बह गए थे। मुनस्यारी के धापा गांव में भूस्खलन के दौरान अपनी मां के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जा रहा पांच साल का बच्चा भी बह गया था
स्थानीय लोगों ने उसे 200 मीटर नीचे जाकर बचा लिया। फिलहाल उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। वही
मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर बना मोटर पुल भी बह गया। मुनस्यारी-थल और मुनस्यारी-जौलजीबी सड़कों के बंद होने से मुनस्यारी का संपर्क कटा हुआ है।
वही तवाघाट-घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क पर भी कई स्थानों पर मलबा आया है। चीन सीमा को जोड़ने वाले इस सड़क के बंद होने से पूजा के लिए जा रहे व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों को भी दिक्कत हो रही है। तो वही भूस्खलन से पेयजल योजनाएं भी बह गईं हैं। कुछ स्थानों पर पैदल पुल और रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मूसलाधार बारिश से मुनस्यारी में एसडीएम कार्यालय परिसर से निकले बरसाती नाले से सड़क रोखड़ में बदल गई है।
नगर के 35 से अधिक दुकानों में मलबा घुसने से दुकान में रखा सारा सामान खराब हो गया है। अतिवृष्टि से मुनस्यारी के बलौटा गांव में कई मकानों को खतरा पैदा हो गया है।
बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान
उधर, धारचूला में जौलजीबी में गोरी और महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ने से संगम से लेकर दांतु खेड़ा के नदी किनारे रहने वाले पांच परिवारों के लोग सहम गए। इन परिवारों ने पूरी रात जागकर बिताई।
बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान हुआ है। मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में आपदा को देखते डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बंगापानी पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया।


उन्होंने अधिकारियों को दो टीमों का गठन कर क्षति का आकलन कर आज रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। बागेश्वर में जिले की पांच सड़कों में मलबा गिरने से यातायात बाधित है। सड़कों के बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 


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