एम्स के जनसंपर्क अधिकारी, हरीश मोहन थपलियाल ने मीडिया को बताया कि गाड़ी घाट, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल निवासी 61 साल के व्यक्ति का सैंपल बीती 11 जून को लिया गया था। मरीज को एम्स ऋषिकेश में 10 जून को बुखार की शिकायत के चलते भर्ती कराया गया था। साथ ही मरीज को कोरोनरी आर्टरी डिजीज और हाइपरटेंशन की शिकायत भी थी। 13 जून की देर रात को मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जबकि 12 जून को ही इलाज के दौरान इनकी मृत्यु हो गई थी। 
दूसरी तरफ देहरादून में ओएनजीसी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है
तो वही , मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश की 42 वर्षीया महिला 13 जून की सुबह एम्स की इमरजेंसी में आई थी। बेहोशी की हालत में आई महिला का 13 जून को ही कोविड सैंपल ले लिया गया था। लेकिन मरीज के तीमारदार डॉक्टरों की सलाह के विरुद्ध मरीज को वापस घर ले गए। 13 जून की रात को जब उनका सैंपल पॉजिटिव आया, तो इस बाबत मरीज के घर वालों को संपर्क कर अवगत कराया गया। लेकिन तब मरीज की मृत्यु उसके घर पर ही हो चुकी थी।
  वही मुख्यमत्री त्रिवेंद्र के निर्देश के बाद अब कोरोना संक्रमित के दाह संस्कार के लिए हर जिले में चिन्हित होंगे मैैदान
बता दे कि कोरोना संक्रमित मरीज की मौत होने पर उनके दाह संस्कार के लिए प्रत्येक जिले में अलग से मैदान चिन्हित किए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों को आदेश जारी किए गए हैं। जिलाधिकारी अपने स्तर पर दाह संस्कार मैदान का चयन करेंगे। 
वही कोरोना पजिटिव का आंकड़ा 1816
तक पहुँच गया है
जबकि 1078 ठीक होकर घर चले गये है , ओर 25 कोरोना पॉजिटव लोगो को मौत की ख़बर है ( मौत का कारण स्वास्थ्य महकमे ने अन्य बीमारी बताई है )
अभी तक एक्टिव केस 705 है ।
अभी तक 4661 सेंपल के रिजल्ट के आने का इंतज़ार है

वही इससे पहले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र एक निजी चैनल मैं बोले थे की अभी 2000 तक ये कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा बढेगा उसके बाद ये रफ्तार बहुत धीमी हो जाएगी
ओर तेज़ी के साथ ठीक होने वालों का आंकड़ा फिर बढेगा ओर अभी भी 1000 लोग तेज़ी से ठीक हुए है


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