उत्तराखंड में आज
सामने आए 25 नए कोरोना पॉजिटिव केस, संक्रमितों की संख्या हुई 1562

 

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को प्रदेश में 25 और कोरोना संक्रमित केस सामने आए हैं। इन्हें मिलाकर प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 1562 पहुंच गई है। वहीं, इसमें 808 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
देहरादून में सात,
नैनीताल में छह,
हरिद्वार में तीन,
टिहरी में दो,
उधमसिंह नगर में चार
पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में एक-एक संक्रमित मरीज मिले हैं।

वहीं, आज एम्स ऋषिकेश में भर्ती बिजनौर निवासी 48 वर्षीय कोविड-19 पॉजिटिव मरीज की मौत हो गई। सांस लेने में अत्यधिक दिक्कत की शिकायत पर 7 जून को मरीज को भर्ती किया गया था दुःखद

तो काशीपुर में भी होम क्वारंंटीन में रह रही एक 76 साल की महिला की मौत हो गई। मृतका अपने पति के साथ दो जून से होम क्वारंंटीन में थी।
दुःखद खबर ये भी है कि

दिल्ली से पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर विधानसभा मैं अपने गाँव आ रहे कोरोना संदिग्ध व्यक्ति की कार में मौत हों गई
दुःखद

बताया गया है कि वे दिल्ली से कार बुक कराकर कोटद्वार के दुगड्डा ब्लाक स्थित धूराधनाई गांव लौट रहे थे
जो कोरोना संदिग्ध लग रहे थे उनकी रास्ते में तबीयत खराब हो गई। ओर गंभीर हालत में उसे कोटद्वार बेस अस्पताल लाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वही डॉक्टरों ने पीपीई किट पहनकर कोरोना गाइडलाइन के अनुसार उसका पोस्टमार्टम किया। मृतक का कोरोना सैंपल लेने के बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया है।
बता दे कि
मृतक के कार चालक को बेस अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया है।
वही एसआई भावना भट्ट ने मृतक की पत्नी के हवाले से बताया कि दुगड्डा ब्लाक के ग्राम पंचायत धूराधनाई निवासी भगवान सिंह 45 साल
पुत्र दयाल सिंह
दिल्ली के एक होटल में नौकरी करता था।
ओर लॉकडाउन के कारण वह होटल में ही फंसा हुआ था। दो जून को उसने अपनी पत्नी सावित्री देवी को फोन कर उसे जुखाम, खांसी और बुखार होने की बात कही थी। जिस पर पत्नी ने उसे कार बुक कर गांव लौटने को कहा।
फिर इसके बाद उसने अपने परिचित कार चालक से संपर्क किया और बुधवार सुबह वह कार से दिल्ली से कोटद्वार के लिए निकल पड़े। कार चालक ने बताया कि भगवान सिंह की मेरठ के पास तबीयत खराब होनी शुरू हो गई थी, जिससे वह कार में ही लेट गए थे। कार चालक ने कौड़िया चेक पोस्ट पर पुलिस और मेडिकल टीम को उसकी हालत की जानकारी दी। रेड जोन से संबंधित मामला होने के बाद पुलिस ने उन्हें सीधे बेस अस्पताल भेज दिया।
फिर बेस अस्पताल कोटद्वार के पीएस डा. बीसी काला ने मामले की पुष्टि की है।
पहाड़ के इस जवान बेटे की मौत के बाद
उनके गाँव ओर परिजनो का रो रो कर बुरा हाल है
तो ये ऐसा समय है कि कोई।किसी का दुख बाटने किसी की चौखट पर भी नही जा सकता।

 

 

 


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