कोरोना काल मितव्ययिता पर जोर , सरकार करेगी कटौती , कर्मचारियों में गुस्सा

कोरोना काल मितव्ययिता पर जोर , सरकार करेगी कटौती , कर्मचारियों में गुस्सा

उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर प्रदेश में कोरोना काल में अब मितव्ययता को लेकर सरकार दिखी सख्त
मुख्य सचिव ने सभी शासन के अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को लिखा पत्र कैसे व्यय प्रबंधन और प्रसाशनिक व्यय में मितव्ययता के लिए जारी किए निर्देश, विभागों में गैरजरूरी पद समाप्त करने की तैयारी उन्हें चिन्हित करने के मुख्य सचिव ने दिए निर्देश गैरजरूरी पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को अन्य पदों या अन्य विभागों में समायोजित करने की कार्यवाही जल्द से जल्द लेने के निर्देश।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में किसी भी पद का वेतनमान उच्चीकरण नही किया जाएगा। चिकित्सा व पुलिस विभागों को छोड़कर सामान्यता अन्य विभागों में यथासंभव नए पद स्वीकृत ना किए जाएं सेवा नियमों के विपरीत विभागीय संरचनात्मक ढांचे के सापेक्ष नियत वेतन दैनिक वेतन संविदा इत्यादि के आधार पर कर्मचारी नियुक्त करने पर प्रतिबंध रहेगा अपरिहार्य स्थिति में कार्यों को बाहरी एजेंसी के माध्यम से कराया जाएगा

विभागों में कई पद होंगे समाप्त, outsourcing के पदों पर भी कसेगी लगाम

सलाहकर जैसे पदों पर नहीं तैनात होगा अलग से स्टाफ़

सरकारी बैठके सरकारी भवनो में ही आयोजित करने के आदेश
पंच सितारा होटल में नहीं होगा भोज का आयोजन
नय साल के बधाई संदेशों के लिए diary, calendar जैसी वस्तुओं की छपाई पर रोक

– शासन ने लिया बड़ा फैसला राज्य की योजनाओं की होगी समीक्षा जो योजनाएं अनुपयोगी हैं उन्हें समाप्त करने पर विचार किया जाए भारत सरकार राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित योजनाओं के संचालन के लिए कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों को राज्य सरकार के अधिकारियों कर्मचारियों के अनुमन्य दरों के अनुरूप ही बांधे के अतिरिक्त ta-da एच आर ए सी अनुमन्य होगा यदि किसी अन्य संस्था में उक्त से इधर भत्ते आदि के लाभ दिए जा रहे हैं तो उसे तत्कालीन प्रभाव से समाप्त किया जाएगा इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा पर किए जा रहे हैं भारी व्यय के दृष्टिगत प्राथमिक शिक्षा के गुणवत्ता पूर्ण बनाने व निजी विद्यालयों से प्रतिस्पर्धा योग्य बनाने के उद्देश्य से अध्यापक छात्र अनुपात का कड़ाई से पालन किया जाए तथा स्तर पर अध्यापकों का यथासंभव समायोजन आवश्यकता अनुसार अन्यत्र विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष अध्यापकों के पठन-पाठन की कार्यशैली में विश्लेषण प्रत्येक 3 महीने में किया जाए 
में ही विदेश यात्रा मुद्रण व प्रकाशन व्यवसायिक सेवा व विशेष सेवाएं विज्ञापन व प्रसार कार्यालय व लेखन सामग्री फर्नीचर उपकरण आदि की खरीद पर मितव्ययिता बरती जाए इसके अलावा शासकीय कार्यों के लिए की जाने वाली यात्राओं को आवश्यक व अपरिहार्य कार्यों की पूर्ति के लिए न्यूनतम रखा जाए वही शासकीय कार्य के लिए हवाई यात्रा इकोनामी क्लास में ही की जाए सरकारी विभागों सहित सार्वजनिक उपक्रमों प्राधिकरणों व अन्य राज्य अधीनस्थ रसासी संस्थाओं द्वारा नए अतिथि गृह ना खोले जाएं मुख्यालयों पर नए कार्यालय आवासीय भवन निर्माण न किए जाएं तथा निर्माणाधीन भवनों को यथासंभव पूर्ण कर उसको उपयोग में लाया जाए राज्य सरकार के संसाधन सीमित हैं अतः किसी नए निर्माण की योजना के प्रस्ताव भेजे जाने से पूर्व सुनिश्चित कर लिया जाए कि योजना का मूल्यांकन जीरो बेस्ड बजट के आधार पर किया गया है सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को छोड़कर नए वाहन क्रय ना किए जाएं वही कार्यालय आवास की साज-सज्जा व फर्नीचर में परिवर्तन केवल इस कारण न किया जाए क्योंकि पद धारक बदल गया है
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकारी महामंत्री अरुण पांडे ने बयान जारी कर बताया कि आज मुख्य सचिव द्वारा मितव्ययिता बरतने हेतु जारी किए गए शासनादेश में प्रदेश के कर्मचारियों एवं प्रदेश के बेरोजगारों पर आघात पहुंचाने का एक प्रयास प्रदर्शित होता है। पूर्व में भी सरकार व शासन द्वारा राज्य कर्मियों का डीए फ्रिज कर दिया गया एक-एक दिन का वेतन साल भर के लिए काट लिया गया और नई पेंशन पार्टी में 12% की जगह 10% राज्यांश जमा किया जा रहा है। इस प्रकार सरकार बचत का सारा भार प्रदेश के कर्मचारियों पर ही थोपना चाह रही है ।जबकि हमारी शुरू से यह मांग रही है कि सरकार राजस्व घाटे में कमी के लिए प्रदेश के कर्मचारी संगठनों की एक बैठक करें इसमें सरकार को वह सारे सुझाव राज्य कर्मचारी संगठन दे सकते हैं जिससे बिना किसी को चोट पहुंचाए घाटा कम किया जा सकता है उदाहरणार्थ जीएसटी का आए दिन 500 से 1000 करोड़ का घोटाला सामने आ रहा है बिजली के बकाए की बड़ी धनराशि सरकार की जानी है वाहनों की अनावश्यक रूप से जगह-जगह जो उपयोग हो रहा है इस प्रकार धनराशि की जा सकती है यदि पैसा नहीं होगा तो वह सारा उत्पादन जिसके लिए सरकार ने तमाम सारी घोषणाएं की हैं उसके लिए खरीदार कहां से आएंगे और इससे प्रदेश की और देश की अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचेगी।


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