कोरोना महामारी के प्रथम,द्वितीय व तृतीय लॉकडाउन के बुरे वक्त में जनता को अपने हाल पर छोडने वाले नेताओं के लिए नजीर बने सतपाल महाराज

जी हां महामारी के वक्त एक संवेदनशील-स्वंयसेवी कोरोनावारियर्स की भूमिका निभाते हुए पिछले दो माह से सक्रिय महाराज का पुरा परिवार इस संक्रमण की चपेट में आज भले ही आ गया हो पर इससे पहले उन्होंने व उनके परिवार ने जरुतंद की खुले दिल से मदद की है

बोलता उत्तराखंड की टीम आध्यात्मिक गुरू एंव राजनेता
सतपाल महाराज व उनके पूरे परिवार सहित स्टाफ के सभी संक्रमित जुझारू कर्मचारियों की जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए, ओर वे सभी जनता जिनकी मदद के लिए ये महाराज का पूरा परिवार इस लाक डॉन मैं आगे आया है व समस्त जनता ओर उनके अनुयायी
उत्तराखंड की आराध्य देवी मां नंदा ओर भगवान बद्री विशाल ,से प्रार्थना करते हैं ।


महाराज के अनुयायी कहते है कि
ईश्वर भी शायद उन्हीं की परीक्षा लेता है जो सच्चे मन से सेवा का भाव रखते हैं
ख़बर है कि पिछले दो माह से महाराज जी का पूरा परिवार उनके द्वारा स्थापित “मानव उत्थान सेवा-समिति” भारत के विभिन्न प्रदेशों में स्थापित 6000 आश्रमों व लाखों अनुयाइयों के माध्यम से जरुरत मंदों की सेवा शान्त भाव से कर रहे हैं ।
साथ ही अपनी विधान सभा क्षेत्र चौबटाखाल में फंसे बाहरी मजदूरों के भोजन की व्यवस्था हो उन्हें उनके घर वापस भेजने की व्यवस्था हो,विदेशी नागरिकों की घर वापसी हो या विभिन्न प्रदेशों से लौटकर कोरेंटाइन में रह रहे प्रवासियों की सेवा मे जुटा उनका परिवार । वहीं हरिद्वार स्थित “प्रेम नगर-आश्रम” में उत्तराखंड वापस आ रहे प्रवासी भाई -बहनों की रहने व भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे है.


इन सबके बीच पर्यटन मंत्री के रूप में उत्तराखंड के ठप्प पड चुके पर्यटन को वापस पटरी पर लाने के लिये भी निरंतर प्रयास रत हैं महाराज ने P.M.CARES FUND में 21 लाख एंव श्राइन बोर्ड में 5 लाख की सहायता राशी देकर एक संवेदनशील जनसेवक होने का सच्चा धर्म निभाया.
महामारी के दौरान अपने जीवन व स्वास्थ्य को दांव पर रख कर लोगों को भय व निराशा के वातावरण से बाहर निकाल कर उनमें आशा व विश्वास का संचार करने में मुख्य भूमिका निभाई। जनता के बीच सक्रिय रहने से संक्रमण की चपेट में आने के बाद उनकी धर्मपत्नी माता श्रीमती अमृता रावत सहित दोनों बेटे-बहू व पोता के संक्रमित होने की सूचना से सम्पूर्ण उत्तराखंडी जनमानस चिंतित है.
लेकिन पूर्ण विश्वास है की उनकी आध्यात्मिक-शक्ति ओर जनसेवा की अमूल्य-धरोहर के रूप में जनता की सदभावनाएं उनके साथ हैं। आज हर उत्तराखण्डी अपने ईष्ट देवी देवताओं से सतपाल महाराजा,उनके परिवार व उनके सहयोगियों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है ।


बहराल ये सभी बाते महाराज के शुभचिंतक कह रहे है
तो कुछ लोग अपने बनाये तर्को के आधार पर महाराज पर इस समय अपनी अलग राय रखते है ।
खेर हम तो अभी यही कहेंगे कि महाराज व उनका परिवार जल्द स्वस्थ हो
बाकी बाते बाद मैं


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here