मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र द्वारा कोरोना वायरस के रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री डा हरक सिंह रावत को जनपद पौडी गढवाल का प्रभारी मंत्री बनाते ही कैबिनेट मंत्री डाॅ हरक सिंह रावत ने कोरोना वाइरस से लडने के लिए सभाली कमान।

वन एवं पर्यावरण मंत्री पहाड़ पुत्र डा हरक सिंह रावत द्वारा कल से लगातार महत्वपूर्ण कार्य व दिशा निर्देश अधिकारियों को दिए जा रहे ।


कल कोतवाली कोटद्वार में पुलिस कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा नगर निगम के कर्मचारियों को, मन्त्री हरक सिंह रावत ने खुद (जो कोरोना बिमारी के चलते अपनी आवश्सक सेवाएं दे रहें ) उनको एंटी वायरस प्रोटेक्टिव सूट, 5 हजार मास्क, 2500 सैनिटाइजर, हैंड ग्लव्स बाटे।


माननीय मंत्री जी जनपद पौडी
ओर गढवाल में स्वास्थ्य एवं आवश्यक सेवाओं से जुडी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी का जायजा भी लिया।
फिर मंत्री हरक सिंह ने जनपद पौडी गढवाल के जिलाधिकारी तथा एसएसपी पौडी से पौडी जनपद में कोरोना वायरस की स्थिति में बारे में सूचना मांगी गयी।
कोरोना बिमारी से जूडी हर सूचना को तत्काल मंत्री हरक ने सज्ञान में लाने के आदेश भी दिये


ओर साथ ही इस बिमारी के रोकथाम के लिए लोगों में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने के निर्देश भी दिये गये।
हरक सिंह रावत द्वारा इस बिमारी की रोकथाम के लिए किन किन आवश्यक बातों का ध्यान रखना है इसके लिए भी विडियो के माध्यम से जागरूक कराया गया।
आप सभी देशवासी तथा प्रदेशवासी सरकार के द्वारा दिये गए निर्देशों, निवेदनों तथा आग्रह का पालन करे और इस बीमारी को हराने में सहयोग करे।

सावधान रहें, घर पर रहें, सुरक्षित रहें।
इसके साथ ही मंत्री हरक सिंह रावत के विशेषकार्याधिकारी विनोद रावत भी लगातार मंत्री हरक सिंह रावत के दिशा निर्देश पर आम जनता की तकलीफ ओर दर्द को दूर करते हुए उनके मसीहा के रूप मैं हर जगह खड़े नजर आ रहे है। इस गम्भीर समय मैं दिन रात विनोद रावत सहित
मंत्री हरक सिंह रावत की पूरी टीम जनता के प्रति समर्पित नज़र आ रही है।
ओर यही वजह है कि जब जब जनता को हरक सिंह की आवश्यकता होती है तब तब मंत्री हरक सिंह और उनकी पूरी टीम अपने कर्तव्य के पालन को पूरा करते हुए जनता की उम्मीदो पर खरा उतरते है।
अब समझे ना क्यो आखिर हरक सिंह जहा से भी प्रदेश मे चुनाव लड़ते है वहां से जनता उन्हें सिर्फ चुनाव ही नही जिताती
बल्कि उनकी जीत के लिए खुद गाँव गाँव जाकर वोट भी मांगती है।
क्योकि ये हरक है इनको फर्क पड़ता है जब आप तकलीफ मैं होते हो।


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