राज्य सरकार द्वारा 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों और 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को 31 मार्च तक घर पर ही रहने की अपील की गई है। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, श्री नीतेश झा द्वारा जारी एडवायजरी में सलाह दी गई है कि मेडिकल प्रोफेशनल और अन्य आवश्यक सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों के अलावा अन्य सभी 65 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक 31 मार्च तक घर पर ही रहें। एडवायजरी में 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को भी घर से बाहर न निकलने देने की सलाह दी गई है। यह एडवायजरी इस बात को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है कि बुजुर्गों और छोटे बच्चों पर कोरोना वायरस के संक्रमण का अधिक प्रभाव देखने को मिला है।

वही
एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 के अंतर्गत उत्तराखण्ड एपिडेमिक डिजीज COVID-19 रेगुलेशन 2020 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए अग्रिम आदेशों तक उत्तराखण्ड में सभी  घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री नीतेश झा द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि COVID-19 के फैलाव को रोकने के लिए अनावश्यक भ्रमण न करने के लिए पूर्व अनेक एडवायजरी जारी की गई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में घरेलू और विदेशी पर्यटकों के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की आवश्यकता महसूस की गई ताकि प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

प्रदेश में रजिस्ट्री,विवाह पंजीकरण पर रोक।

25 मार्च तक रोक के आदेश हुए जारी।।।

राजधानी में एडीएम वित्त ने जारी किए आदेश।

कोरोना के खतरे को देख लिया गया फैसला।

बड़ी संख्या में निबंधक कार्यालय में आते है लोग।।।

प्रेस नोट,
20 मार्च 2020,
देहरादून।

पर्यटकों तथा ट्रेवल एवं होटल व्यवसायियों से सचिव पर्यटन की अपील

उत्तराखंड सरकार ने राज्य के बाहर से आने वाले पर्यटकों के राज्य में प्रवेश पर रोक लगा दी है। विश्वव्यापी कोरोना  वायरस के संक्रमण के खतरे से बचने के लिए एहतियात के तौर पर राज्य सरकार द्वारा यह कदम उठाया गया है।वहीं भारत सरकार द्वारा 15 अप्रैल तक भारत आगमन के समस्त वीजा निरस्त कर दिए गए हैं।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि यह प्रतिबंध बाहर से आने वाले नए पर्यटकों पर लागू होगा। जो पर्यटक पहले से राज्य के भीतर प्रवास पर हैं वह राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरीज का पालन करते हुए राज्य में रह सकेंगे। उन्होंने समस्त होटल व्यवसायियों से अपील की कि जो भी देशी या विदेशी पर्यटक पहले से बुकिंग कर होटल अथवा रिसोर्ट आदि में प्रवास कर रहे हैं उनके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव ना किया जाए और उन्हें राज्य तथा केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों से अवगत कराया जाए ताकि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचा जा सके। उन्होंने समस्त होटल व्यवसायियों से स्वास्थ्य तथा स्वच्छता के उच्चतम मानकों का पालन करने की अपील की।

उन्होंने राज्य  के होटल स्वामियों तथा ट्रैवल एजेंट्स से अपील की कि जिन पर्यटकों द्वारा पूर्व में ही बुकिंग करवाते हुए इस हेतु धनराशि का भुगतान कर दिया गया है उन्हें यथासंभव अधिकतम भुगतान वापस किया जाए। उन्होंने कहा कि होटल तथा ट्रैवल व्यवसाय के लिए यह  निश्चित रूप से  एक बड़ा आर्थिक नुकसान है मगर वर्तमान में इस असाधारण परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मानव जीवन की रक्षा के लिए हमें इस सबसे ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि होटल एसोसिएशन तथा  अन्य पर्यटन हितधारकों को  सरकार द्वारा जारी की गई एडवाइजरी उपलब्ध करवा दी  गई हैं, ताकि  स्थिति को  नियंत्रण में रखा जा सके। उन्होंने राज्य के स्टेकहोल्डर्स  तथा राज्य में प्रवास कर रहे पर्यटक को से अपील की कि वे सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। उन्होंने  कहा कि स्थिति सामान्य होने के पश्चात सर्वसाधारण को सार्वजनिक रूप से सूचित किया जाएगा। इसके पश्चात पर्यटकों की आवाजाही पूर्ववत सामान्य हो सकेगी।

उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने बताया कि राज्य के स्टेकहोल्डर्स राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं। उन्होंने राज्य में आने के इच्छुक पर्यटकों से कुछ दिनों तक उत्तराखंड की अपनी यात्रा को स्थगित करके की अपील की।

उन्होंने सरकार द्वारा यात्राओं पर रोक लगाने वाले निर्णय का स्वागत करते हुए यह विश्वास दिलाया कि राज्य के सभी होटल एवं रिसोर्ट आदि द्वारा पहले से रह रहे अतिथियों का समुचित ध्यान रखा जाएगा।

उत्तर भारतीय होटल एवं रेस्टोरेंट एसोसिएशन के एग्जीक्यूटिव सदस्य प्रवीण शर्मा ने पर्यटकों से अपील की कि मौजूदा हालात को देखते हुए वे अगले कुछ हफ्तों तक उत्तराखंड में आने की अपनी इच्छा को रोक कर रखें।  साथ ही उन्होंने राज्य के  होटल व्यवसायियों से अनुरोध किया कि वे सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का अनुपालन सुनिश्चित करें, तथा स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के उच्चतम मानकों का पालन करें। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य के समस्त पर्यटन व्यवसायी सरकार द्वारा जारी यात्रा निषेध तथा सामाजिक दूरी बनाए रखने के दिशा निर्देशों  को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में प्रत्येक प्रयास का हिस्सा होंगे।

सचिव पर्यटन ने  कहा कि  कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा देसी तथा विदेशी पर्यटकों की सहायता के लिए गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन मुख्यालय में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका संपर्क दूरभाष 0135 255 9898 है। उन्होंने राज्य में रह रहे पर्यटकों से अपील की कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें  और  अपने निवास के स्थान से बाहर ना निकले। साथ ही किसी प्रकार के असामान्य लक्षण पाए जाने की दशा में सहयता हेतु तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र  अथवा कोरोना नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

 

 


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