उत्तराखंड विस सत्र 2020: पांच दिन के सत्र में मात्र 22 घंटे, 36 मिनट चला सदन

भराड़ीसैण मै पांच दिन के सत्र में दस विधेयक सरकार ने पास कराए और बजट को सदन के पटल पर रखा। प्रश्नकाल और शून्य काल तीन दिन चला। अब 25 मार्च से भराड़ीसैण में ही सरकार बजट पास कराएगी। बता दे कि शनिवार को स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल ने सदन में 25 मार्च को सुबह 11 बजे से सदन की कार्यवाही शुरू होने की घोषणा की।
वही सरकार ने पहले तीन से लेकर छह मार्च तक ही सत्र आयोजित करने का फैसला किया था। विपक्ष का दबाव बढ़ा तो सरकार ने सात मार्च तक सत्र बढ़ाया। इसके बाद हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सात को सत्र को उपनिवेशन कर 25 मार्च से सदन की कार्यवाही शुरू करने का फैसला किया गया।
शनिवार सुबह यह भी चर्चा थी कि बजट आज ही पास कराया जाएगा। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता करन माहरा के मुताबिक विपक्ष ने इसका विरोध भी किया था। मदन कौशिक को छोड़कर अन्य सभी मंत्रियों और सत्ता पक्ष के 40 विधायकों के गायब होने से बने दबाव के बीच यह फैसला टाल दिया गया। बजट चर्चा अभी जारी है और सरकार अब 25 मार्च से बजट पास कराने,  विभागों के बजट पर चर्चा और उन्हें पास कराने का काम करेगी।
सरकार ने एक तिहाई काम किया भराड़ीसैंण में
गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित होने का जोश और कुछ मौसम की बेरुखी ही रही कि सरकार पांच दिन के सत्र में केवल एक तिहाई ही काम कर पाई। हाल यह रहा कि पांच दिन के सत्र में करीब 22 घंटे तक ही चर्चा, बजट पेश करना, विधेयक पास कराना और प्रश्न काल, शून्यकाल की कार्यवाही हो पाई।
मीडिया को विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि सदन की कार्यवाही केवल 22 घंटे और 36 मिनट तक चली। भराड़ीसैंण में एक दिन सभी तारांकित सवालों का जवाब सदन में आने का रिकार्ड भी बना था। ऐसा प्रदेश की विधानसभा में 18वीं बार हुआ।
इसके बाद भी हाल यह रहा कि स्वीकार किए गए 241 सवालोें में से मात्र 36 सवालों का ही जवाब आया। सरकार ने इन पांच दिनों में नौ विधेयक पास कराए और करीब 53 हजार करोड़ रुपये का बजट सदन के पटल पर पेश किया। सदन में विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों से भी जाहिर है कि भराड़ीसैंण में सत्र आयोजित कराने में सरकार सहज नहीं रही। नेटवर्क न होने से मंत्रियों और विधायकों को तो परेशानी हुई ही। इसके साथ ही व्यवस्था के सवाल पर पहले ही दिन सुरेंद्र सिंह जीना का पारा भी गरम हो गया था।
वही सदन स्थगित होने से पहले ही सत्ता पक्ष के सभी मंत्रियों और अधिकतर विधायकों के गायब होने से यह भी जाहिर हुआ कि बर्फबारी के साथ ही नेटवर्क की कमी ने सरकार को असहज किया। पांच दिन के सत्र में मुख्यमंत्री ने चार मार्च को गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया था। इससे  आगे के दिन सरकार ने इसी घोषणा के सहारे काटे।

एक नजर में सत्र से ….

पांच दिन में काम का समय- 60 घंटे

सदन चला- 22 घंटे 36 मिनट

यह रही स्थिति

716 सवाल आए थे विधानसभा में
241 तारांकित सवाल स्वीकार हुए
36 सवालों के ही उत्तर आए
362 अतारांकित सवाल आए
70 के ही उत्तर मिले
07 अल्पसूचित सवाल आए
02 के उत्तर आए, 36 निरस्त
70 विचाराधीन
27 याचिकाएं आईं, 26 स्वीकृत
84 सूचनाएं नियम 300 में आईं, स्वीकृत 28
28 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
09 विधेयक पारित हुए


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