बीते रोज शनिवार को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई टीम घोषित होते ही बवाल मच हुवा है
बता दे कि नई टीम में मात्र सचिव बनाए गए धारचूला के विधायक हरीश धामी ने खुली बगावत करते हुए पद ग्रहण से इनकार कर दिया है। यही नहीं उन्होंने तो कांग्रेस छोड़ने की तिथि भी जल्द घोषित करने का एलान कर दिया है।


पूरी बात समझे शनिवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने अपनी नई टीम का एलान किया है। इस टीम में धारचूला के विधायक हरीश धामी को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। जिसके बाद धामी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ सोशल मीडिया फेसबुक से मोर्चा खोला दिया था
उन्होंने शनिवार को ही शाम 4.21 बजे अपने फेसबुक एकाउंट में पोस्ट करते हुए लिखा था कि कांग्रेस प्रदेश संगठन ने जो पद दिया है, मैं उस पद से इस्तीफा देता हूं। इस्तीफा सोमवार को प्रीतम सिंह तक पहुंच जाएगा। (यानी कि आज) उन्होंने लिखा था कि वह बहुत जल्द कांग्रेस छोड़ने की तिथि की भी घोषणा करेंगे।


यही नही
विधायक धामी ने अपने एक समर्थक त्रिभुवन चुफाल अनवाल की फेसबुक पोस्ट पर लिखा था कि यह लिस्ट कांग्रेस को गर्दिश में ले जाने वाली है। मैं इसका विरोध करता हूं और इस पद से इस्तीफा देता हूं। साथ ही कांग्रेस से इस्तीफा देने तारीख की जल्द घोषणा करूंगा। अंत में लिखा है कि अब किसी की भी नहीं सुनूंगा, अलविदा कांग्रेस। ओर इसके बाद धामी ने मीडिया को प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने उनकी हमेशा अनदेखी की है। चाहे विधानसभा की कोई कमेटी हो या अन्य कमेटी, उनकी उपेक्षा की गई, अब और सहन नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की जंबो टीम में 98 प्रदेश सचिव बनाए हैं। धामी का नाम क्रमांक 98 पर है।
इतना सब कुछ होने के बाद।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि मैं अपनी राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जी से भी कहूंगा कि इस बार खुलासा हो जाए कि आखिर किसने यह कृत्य किया है ।
प्रीतम सिंह ने कहा कि धामी जी का गुस्सा स्वाभाविक है अगर हम धामी जी को विशेष आमंत्रित सदस्य मैं ना रखते तो उन्हें उपाध्यक्ष बना देते महामंत्री बनाते मैं इस तरह की राजनीति नहीं करता ना मैंने मैंने इस तरह की राजनीति पूर्व में की है और ना मैं भविष्य में करूंगा ।
मैं आपको बता दू किसी भी अपने राजनीतिक साथी के साथ ऐसा व्यवहार मैं कभी नही करूंगा।
प्रीतम सिंह ने कहा कि धामी जी ने जो अपने भाव की अभिव्यक्ति की है मैं उनके भाव से अपने आप को समलित करता हूं।


जिस तरीके का कृत्य हुआ है यह
असहनीय है धामी जी हमारे दो बार के विधायक हैं वरिष्ठ साथी है मैं कहना भी चाहूंगा कि प्रदेश प्रभारी द्वारा जो सूची संगठन महामंत्री जी को प्राप्त कराई गई उस सूची में तमाम विधायकों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया था हरीश धामी भी उनमें से एक है लेकिन संगठन महामंत्री द्वारा जो सूची जारी की गई कि मैं इस बात को समझ सकता हूं कि संगठन महामंत्री को शायद पूरी जानकारी ना रही हो लेकिन जिसने भी यह कृत्य किया जिसने भी धामी जी को विशेष आमंत्रित सदस्य से अलग करके सचिव में डालने का काम किया मैं इसकी कड़ी शब्दों में निंदा करता हूं।

 


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