उत्तराखंड कांग्रेस मैं सब कुछ ठीक नही चल रहा है
उसकी गवाह है ये पोस्ट


जी हा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने अपनी कार्यकारिणी आज घोषित करी और विशेष आमंत्रित सदस्य में धारचुला के विधायक हरीश धामी को भी जगह दी।


विशेष आमंत्रित सदस्यों की संख्या 98 है और धानी का नंबर क्रमांक कागजों के हिसाब से 98 नंबर पर ही रहा।
अब खबर फेसबुक के माध्यम से यह आ रही है कि हरीश धामी ने जो पद उन्हें संगठन ने दिया उस पर से उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और हरीश धामी का ऊपर से ये बयान भी आ रहा है कि उसी दिन वह कांग्रेसी छोड़ने की  तिथि  की घोषणा करेंगे।

के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में भूचाल आ गया है खबर है सूत्रों के लिहाज से कि जल्द ही हरीश धामी अपनी विधायिका को भी छोड़ सकते हैं,
कांग्रेस छोड़ने की बात तो धामी ने कर ही दी है यदि अगर हरीश धामी अपने विधायक से भी इस्तीफा देते हैं तो फिर धारचूला से कांग्रेस की तरफ से कौन चुनाव मैदान में होगा ये सवाल आकर खड़ा है
ओर यदि धामी ने विधायिका से भी इस्तीफा दे दिया तो
ये भी हो सकता है कि 6 महीने बाद हरीश रावत धारचुला विधानसभा से चुनाव लड़ते नजर आ सकते है!! ये सिर्फ अटकलें है
बहराल राजनीति में सब कुछ जायज है ओर आगे कुछ भी हो सकता है । देखिए होता है क्या क्या आगे उत्तराखंड काँगेस मैं।


बता दे के इससे पहले आपको कि
विरोध का झंडा कांग्रेस के दो विधायकों करन माहरा और हरीश धामी ने पहले से उठाया हुवा है दोनों ही विधायकों ने प्रदेश नेतृत्व पर निशाना साधते हुये पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की उपेक्षा का लगातार आरोप लगाया है।
ओर नेता प्रतिपक्ष पर समय समय पर निशाना साधा है
बता दे कि धारचुला से विधायक हरीश धामी ने पिछले दिनों केंद्र सरकार और नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ कांग्रेस की रैली में भी हरीश रावत की उपेक्षा का आरोप लगाया था. उत्तराखंड के एक दिन के विधान सभा सत्र में शामिल होने आये कांग्रेस विधायक बीजेपी को घेरने के बजाय अपने प्रदेश नेतृत्व को ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया था
पिथौरागढ़ जिले के धारचुला विधानसभा से विधायक ने कहा, था कि ‘हरीश रावत के खिलाफ एक षड़यंत्र चल रहा है। उत्तराखंड कांग्रेस के जो भी कार्यक्रम होते हैं उनमें हरीश रावत को सम्मान नहीं मिलता.’ धामी ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुये आलाकमान से हस्तक्षेप की मांग की है थी
उसी दिन विधानसभा में भी कांग्रेस के उपनेता करन माहरा ने भी प्रदेश नेतृत्व की वर्तमान कार्यशैली पर सवाल उठा दिया था दोनों ही विधायकों ने मुखर होकर कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व ओर नेता प्रतिपक्ष पर बिना नाम लिए आरोप लगाया कि हरीश रावत के खिलाफ गुटबाजी कर पार्टी को डुबोया जा रहा है ओर इनका साथ बीच बीच मैं गोविंद सिंह कुंजवाल भी देते नजर आते है।
तो उधर प्रतिम सिंह समय समय पर कहते नज़र आते है कि कांग्रेस बड़ा परिवार है और यह सब कुछ होता रहता है हम सब एक थे एक हैं और एक रहेंगे और आप देखते जाइए 2022 में सरकार बनाने जा रहे हैं।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here