जवान राजेन्द्र नेगी के परिजनो से मिल हरीश रावत की आँखे हुई नम, परिजनों की आंखों से तो 12 दिनो से रो रोकर सुख गया आखों का पानी, पर नही लगा अब तक नेगी भाई का सुराग

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आज देहरादून मैं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लगातार टूटते जा रहें लापता जवान राजेंद्र नेगी भाई के परिजनों से उनके माता , पिता, बच्चों से मिलकर उनकी हिमत्त को बढ़ाने का प्रयास  किया

बता दे की लापता हवलदार राजेन्द्र नेगी जी के परिवार का सब्र का बांध अब टूट गया है , भले ही तलाश जारी हो पर पिछले 12 दिनों से लगातार रो रो कर अब तो उनकी आंखों से आँसू मैं सुख चुके है
जब कुछ खयेगे नही तो भला आखों मैं पानी भी कहा से आएगा।
आखिर पिछले 12 दिनों से लगातार रो जो रहे है 24 घण्टे लगातार। बिना खाये पिये बेसुध है ये परिवार
फिर भी परिजन लगातार हवलदार राजेन्द्र नेगी के सलामत होने की खबर का इंतजार  कर रहे है, दुवा माग रहे है ,
आज नेगी भाई के परिवार की हिमत्त बढ़ाने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी उनके परिजनों के बीच थे।


बुजुर्ग हवलदार के माता पिता को देख, उनके दर्द को महसूस कर
हरीश रावत की आँखे भी भर आईं।
वे उनके परिजनों की हिमत्त बडा रहें थे ,ओर उनसे कहा कि मैं व्यक्ति रूप से इस दर्द से खुद गुजर चुका हूँ ।
हम सब आपके साथ है पूरा उत्तराखंड आपके साथ है। लगातार हरीश रावत हवलदार राजेन्द्र नेगी के परिजनों की हिमत्त बढ़ाते नज़र आये
बता दे कि आठ जनवरी से लापता सेना के जवान राजेंद्र नेगी भाई का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। जैसे-जैसे दिन बीतते जा रहे हैं, परिजनों के सब्र भी बांध भी टूटता जा रहा है। पत्नी व परिवार के सदस्य पिछले दिनों से बिना खाए-पिए बेसुध है तो बच्चे और पिता-भाई अन्य परिजन राजेंद्र की खबर का इंतजार कर रहे हैं। लगातार उनकी सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। तो वही यूनिट वाले भी बस एक ही बात कर रहे हैं कि खोजबीन जारी है।
हम सभी जानते है कि सेना की 11वीं गढ़वाल राइफल्स के जवान राजेंद्र गत आठ जनवरी से लापता हैं। वह वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग अनंतनाग फारवर्ड पोस्ट पर तैनात थे। आठ फरवरी को पोस्ट के पास एवलांच आया था। जिसकी चपेट में आने से वह पाक सीमा की तरफ गिर गए थे। सेना के जवान तब से लगातार रेस्क्यू अभियान चला रहे हैं, लेकिन अभी तक राजेंद्र नेगी का पता नहीं चल पाया है।


वही परिजन उनके सलामती होने की खबर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। तो परिजनों को आशंका है कि कहीं राजेंद्र पाकिस्तान की कैद में तो नहीं। दूर-दूर से रिश्तेदार और अन्य लोग अंबीवाला स्थित राजेंद्र के घर जाकर पत्नी, बच्चों और परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं। गम में उनकी पत्नी, पिता, माता का स्वास्थ्य भी अब खराब होने लगा है। इससे पहले दिल्ली मैं इन सभी बातों को भी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के आगे रखा और उन्हें उनके परिवार की इस समय का हालत से अवगत कराते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कश्मीर से लापता हुए सेना के जवान राजेंद्र सिंह नेगी की सकुशल वापसी के प्रयास को तेज करने की मांग की थी।
यारो दुवा करो हवलदार भाई राजेंद्र सिंह नेगी सकुशल घर वापस आये ।

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