राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सर को जन्म दिन की बहुत शुभकामनाये पैतृक गांव घीड़ी में खुशी का माहौल ।

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आज 75 वे साल मै प्रवेश कर लिया है ।


सर आपको बहुत बहुत बधाई।
आज सर अजीत डोभाल जी के जन्मदिवस पर उनके पैतृक गांव घीड़ी में खुशी का माहौल है


पौड़ी जनपद मुख्यालय से लगभग 32 किलोमीटर दूर घीड़ी गांव में अजीत डोभाल जी के जन्मदिन पर जश्न का माहौल है ग्रामीण और परिवार के सदस्यों ने अजीत डोभाल जी के जन्मदिन पर उनकी दीर्घआयु की कामना ईश्वर से की है इस मौके पर गांव में उत्तराखण्ड के पारम्परिक मिष्ठान बनाकर ग्रामीणों को खिलाए गए,

देश के सुरक्षा का जिम्मा सम्भाले अजीत डोभाल जी को इसी तरह से देश हित मे कार्य करते रहने और घुसपैठियो के मनसूबों पर पानी फेरते रहने के लिए ये कामना भी ईश्वर से की गई ग्रामीणों को खुशी है।

ओर वे कहते है कि उनका लाल पहाड़ पुत्र अजीत आज भी अपने गांव को याद रखता हैं और मौका मिलते ही गांव चले आते है हाल ही में वे पिछले साल अजीत कुलदेवी की पूजा में गांव चले आये थे इससे पहले वे साल 2014 में कुलदेवी की वार्षिक पूजा में पहुंचे थे हर बार समय मिलने पर ग्रामीणों का हाल चाल जाने अजीत गांव का रुख अवश्य करते हैं जिस पर उनके अच्छे स्वभाव की तारीफे आज ग्रामीण स्वयं करते हैं

। ओर ये भी कहते है कि
भारत के राष्ट्रीय

 

सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल व उनके पुत्र शौर्य  डोभाल जल्द ही अपने गांव के मकान को बनाएंगे। ओर लोगो को सन्देश देगे ओर दे भी रहे है कि आओ आप आप सब भी अपने गांव अपने पहाड़।
रिवर्स पलायान का संदेश।


बहुत बहुत बधाई जन्म दिन की सर आपको बोलता उत्तराखंड परिवार की तरफ से।

सर्जिकल स्‍ट्राइक के मास्‍टर माइंड माने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जी को बोलता उत्तराखंड परिवार की तरफ से जन्म दिन की बहुत बहुत शुभकामनाये।
आज उत्तराखंड के गौरव का जन्म दिन है आज ही के दिन 20 जनवरी को उनका जन्म हुआ था।
वह एक ऐसे भारतीय हैं, जो पाकिस्तान के लाहौर में अपने देश की रक्षा के लिए 7 साल तक मुसलमान बनकर रहे थे
वे भारत के ऐसे एकमात्र नागरिक हैं, जिन्हें सैन्य सम्मान कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है
यह सम्मान पाने वाले वह पहले पुलिस अफसर हैं

उत्तराखंड के गौरव अजीत डोभाल के बारे में खास बातें ये भी है
अजीत डोभाल आई.पी.एस. और भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार हैं.
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में 20 जनवरी, 1945 को अजीत डोभाल का जन्म हुआ था. इनके पिता इंडियन आर्मी में थे.
अजमेर मिलिट्री स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है

1968 केरल बैच के IPS अफसर अजीत डोभाल अपनी नियुक्ति के चार साल बाद साल 1972 में इंटेलीजेंस ब्यूरो से जुड़ गए थे.
अजीत डोभाल ने करियर में ज्यादातर समय खुफिया विभाग में ही काम किया है. कहा जाता है कि वह सात साल तक पाकिस्तान में खुफिया जासूस रहे.
साल 2005 में एक तेज तर्रार खुफिया अफसर के रूप में स्थापित अजीत डोभाल इंटेलीजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर पद से रिटायर हो गए.
इसके बाद साल 2009 में अजीत डोभाल विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन के फाउंडर प्रेसिडेंट बने. इस दौरान न्यूज पेपर में लेख भी लिखते रहे.

साल 1989 में अजीत डोभाल ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से चरमपंथियों को निकालने के लिए ‘ऑपरेशन ब्लैक थंडर’ का नेतृत्व किया था.

उन्होंने पंजाब पुलिस और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों के दल के साथ मुख्य भूमिका निभाई थी.
जम्मू-कश्मीर में घुसपैठियों और शांति के पक्षधर लोगों के बीच काम करते हुए डोभाल ने कई आतंकियों को सरेंडर कराया था.
अजीत डोभाल 33 साल तक नार्थ-ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में खुफिया जासूस रहे हैं, जहां उन्होंने कई अहम ऑपरेशन किए हैं.
30 मई, 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को देश के 5वें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में नियुक्त किया.
ऑपरेशन ब्लू स्टार के दौरान उन्होंने एक जासूस की भूमिका निभाई और भारतीय सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई, जिसकी मदद से सैन्य ऑपरेशन सफल हो सका.
– पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान वह सबसे ज्यादा चर्चा में आए.

 

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