देर रात एसडीआरएफ की टीम को मिले सात लापता छात्र, ठंड से हुई एक की मौत

ख़बर उत्तरकाशी
से है जहा राड़ी टॉप क्षेत्र के जंगलों से बीती रात रेस्क्यू किए गए आईटीआई बड़कोट के सात छात्रों में से एक छात्र की मौत हो गई है दुःखद
जानकरीं अनुसार चिकित्सकों के अनुसार अत्यधिक ठंड से बीमार होने के कारण एक छात्र ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया था।
वही सभी छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद सकुशल आईटीआई प्रशासन को सौंप दिया गया है।


जानकरीं ये है कि बीते शुक्रवार दोपहर को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई बड़कोट के सात छात्र अपने घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन यमुनोत्री हाईवे पर भारी बर्फ जमा होने और पाले के कारण वाहनों की आवाजाही ठप होने पर छात्रों ने पैदल ही बड़कोट से उत्तरकाशी जाने का निर्णय लिया, लेकिन लगभग 15 किमी लंबे इस सफर के दौरान अंधेरा और भारी बर्फ जमा होने के कारण छात्र राड़ी टॉप क्षेत्र के जंगल में बुरी तरह भटक गए।


इस बीच अत्यधिक ठंड व थकान के कारण एक छात्र अनुज सेमवाल की तबियत भी बहुत बिगड़ गई, जिसके बाद उसके साथियों ने मोबाइल फोन से अपने परिजनों को फोन करके मदद की गुहार लगाई, जिसकी सूचना मिलते ही एसडीआरएफ व पुलिस की टीम उनकी खोज बचाव के लिए रवाना हुई। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम रात लगभग पौने दस बजे छात्रों तक पहुंची।
वही एसडीआरएफ के जवानों ने इन छात्रों को जंगल से रेस्क्यू कर 108 आपात एंबुलेंस की मदद से देर रात लगभग दो बजे बड़कोट स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने ठंड से बीमार हुए अनुज सेमवाल महज 18 साल पुत्र उमाशंकर निवासी धौंतरी, हाल निवास ज्ञानसू उत्तरकाशी को मृत घोषित कर दिया।


जबकि अन्य छह छात्र सूरज पंवार, दीपक, प्रह्लाद राणा, रंजन व विशाल भाटिया को प्राथमिक उपचार के बाद शनिवार को आईटीआई प्रबंधन के सुपुर्द कर दिया गया। एसओ बड़कोट दिग्पाल कोहली ने बताया कि सभी छात्रों को देर रात रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, लेकिन ठंड से बीमार हुए छात्र ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
वहीं आईटीआई के प्राचार्य निरंजन कुकशाल ने कहा कि सभी छात्रों को बर्फ में सफर नहीं करने की सलाह दी गई थी, लेकिन सभी अवकाश लेकर अपने घर चले गए।
दुःखद है कास ये सभी छात्र बर्फ मैं सफर ना करते तो आज इनका साथी इनके बीच जिंदगी जी रहा होता
ओर भगवान की किरपा रही कि रेस्क्यू टीम ने इन छात्रों को समय रहते तलाश लिया वरना परिणाम ओर भी दुःखद हो सकते थे।


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