उत्तराखंड मे 60 घंटे से हो रही बारिश-बर्फबारी के बाद जागा शासन की एडवाइजरी जारी कहा’ पहाड़ की यात्रा से करे परहेज मौसम विभाग का अलर्ट, बुधवार को भी हो सकती है बारिश
बता दे कि कल उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक बर्फबारी हो चुकी है तो मैदानी इलाके मे बारिश लगातार हो रही है जो शीतलहर की चपेट में हैं
ओर तापमान सामान्य से आठ से दस डिग्री नीचे चला गया है। वही मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
मैदानी इलाकों में भी दिसंबर में पहली बार इतनी बारिश रिकॉर्ड की गई है। खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है।
ओर अगले दो दिन पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में रहने वाला है पहाड़ों पर अभी और बर्फबारी होने का अनुमान जताया जा रहा है। ऐसे में मौसम विभाग ने पर्यटकों को पहाड़ की यात्रा में एहतियात बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार , हो सके तो पर्यटक फिलहाल पहाड़ की यात्रा से परहेज करें।


अगर यात्रा पर जाएं भी तो स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर चलें ताकि कोई हादसा होने की सूरत में मदद मिल सके वही 10 और 11 जनवरी को शीतलहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके लिए भी मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी है। राज्य सरकार को भी पहाड़ी रास्ते बंद होने की आशंका के बीच सतर्क किया गया है।
दून में रात-दिन का तापमान बराबर हो गया है
देहरादून में रात और दिन का तापमान बराबर हो गया है।
पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम मिजाज बिगड़ा हुवा है उत्तराखंड मै बारिश और बर्फबारी का सिलसिला अभी थमने का नाम नही ले रहा है हालत ये है कि उत्तरकाशी और चमोली जिले के लगभग 350 से अधिक गाँव बर्फ की कैद मै फसे हुए है तो उत्तराखंड मैं 30से अधिक मुख्य मार्गों समेत 50 से ज्यादा रास्ते बंद हो गए हैं हालाकि इनके बंद ओर खुलने का सिलसिला जारी है
मसूरी में पहले दिन भर बारिश ओर फिर पांच बजे से बर्फबारी शुरू हुई तो होटलों में ठहरे सैलानी बर्फबारी का लुत्फ उठाते नज़र आये


तो टिहरी जिले के धनोल्टी, नई टिहरी, चंबा, सुरकंडा, कद्दूखाल मे भी जमकर बर्फबारी हुई। भारी बर्फबारी के वजह से ही चंबा से लेकर घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग पर आवाजाही कभी बंद हो रही है तो कभी खुल रही है वही बर्फबारी के चलते गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे समेत जिले के आधा दर्जन से अधिक मोटर मार्गों पर भी यातायात बाधित है
तो चमोली जिले में 130 गांव बर्फ से ढक चुके हैं जोशीमठ से लेकर गोपेश्वर पीपलकोटी नंदप्रयाग घाट गैरसैंण नारायणबगड़ थराली देवाल के सुदूरवर्ती गांवों में बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है ओर आलम ये है कि पूरे उत्तराखंड मे 50 से अधिक पेयजल स्रोत बर्फ में तब्दील हो गए हैं ओर लोग अब बर्फ पिघलाकर पीने के पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
वही जोशीमठ-मलारी से लेकर गोपेश्वर-चोपता घाट-रामणी मार्ग तक फिलहाल अवरुद्ध हैं

केदारनाथ धाम में तो सात फीट तक नई बर्फ जम चुकी है, जबकि 5 फ़ीट पहले से ही जमी हुई है मतलब 12 फ़ीट से अधिक बर्फ़बारी बाबा के धाम मैं हो चुकी है।
वही लोक निर्माण विभाग की मशीनरी बंद मार्गों को खोलने में लगातार जुटी है। लेकिन लगातार बारिश और हिमपात से मार्गों को खोलने में दिक्कत भी आ रही है।
तो कुछ जगह पर बर्फ गिरने और बारिश से कुछ स्थानों पर भूस्खलन होने से मार्ग अवरूद्ध भी हैं
पिथौरागढ़ से  थल मुनस्यारी और तवाघाटा नारायण आश्रम मोटर मार्ग
देहरादून से बर्फबारी व मलबा आने से कार्ट मैकेंजी मार्ग, मोलधार सेरकी सिल्ला, खारसी मोटर मार्ग,
उत्तरकाशी से आराकोट-चिवा- बालचा,  मोरी-नैटवाड़-साकरी-जखोल, कुदों-कफनौल-सड़ी, हर्षिल-मुखवा-जांगला, उत्तरकाशी:घनसाली-तिलवाड़ा मोटर मार्ग
टिहरी से  रायपुर कुमाल्डा कद्दूखाल स्टेट हाईवे थत्यूड़, बड़ैथी बनचौरा मोटर मार्ग
चमोली से जोशीमठ-औली, जोशीमठ- परसारी, गोविंदघाट-घांघरिया, हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग, जोशीमठ-नृसिंह मंदिर मोटर मार्ग, सलूड़-जुंग्रा, सुतोल- कनोल मोटर मार्ग, बाटाधार-धुनारघाट, थराली-देवाल-मुंदली-बाण मोटर मार्ग
रुद्रप्रयाग: मक्कू पहुंच पल्द्वाड़ी  व गौरीकुंड केदारनाथ धाम पैदल मार्ग
एनएच: सुआखोली से नई टिहरी तक, एनएच 121 में नैनीधार से सलोणधार, एनएच 107 व एनएच 58 भी अवरूद्ध है


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