शिल्पा प्रोडक्शन के बैनर तले बनाए गए

ओर उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट द्वारा गाए गए उत्तराखंडी वीडियो गीत ‘जै जै हो देवभूमि’ गीत अब लोगो के घर मे सुबह उठते ही मोबाइल मैं सुनाई दे रहा है , तो कही स्पीकर मैं , नींद खुलते ही लोग इस गीत को सुन रहै है हज़ारों लोगों ने इस गीत को यूं ट्यूब से अपने फोन पर रिकार्ड कर लिया है। बोलता उत्तराखंड ने जिन लोगो से बात की उनमें दिल्ली अपने परिवार के साथ रह रहे पंकज कहते है कि पापा सुबह ही इस गीत को मोबाइल पर लगा देते है और मॉर्निंग की चाय अब इस गीत को सुनकर पी जा रही है हमको ऐसा लगता है कि हम उत्तराखंड मे ही है।


लेकिन जब ये गीत समाप्त हो जाता है तो मन मैं ख्याल आता है कि अबकी बार गर्मियों मैं हम टिहरी झील घूमने जाएंगे
तो घर के अलग अलग सदस्यों की अपनी अपनी पंसद की जगह घुमाने की डिमांड होने लगी है। ओर फिर जब तक समय रहता है तब तक एक फो बार फिर हम गीत को सुन लेते है।


वही मुबई मैं अपने परिवार के साथ रह रहे वीर रावत कहते है कि मैं तो अब अपने काम को करते समय इस गीत को सुनने लगा हूँ इस गीत को सुन कर एक नई ऊर्जा का संचार होने लगता है मन मे , सच बोलू तो मुश्किल से भगवान का नाम ले पाता था पर अब इस गीत को सुन अपने उत्तराखंड के दर्शन तो हो ही रहे है साथ ही सभी देवी देवताओ का नाम , मन्दिर, ओर धामो की अब जय जय कार मैं करने लगा हूँ इसी बहाने भगवान को प्रणांम करने लगा हूँ।


नोएडा के सूरज कहते है कि मेट्रो का सफर अब इस गीत के साथ होता है जब तक मंजिल हमारी नही आती तब तक हम इस गीत को सुनते है।
तो कुछ लोगो का कहना है कि
उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों मैं भी इस गीत को सुनाया जानाचाइए, ओर , I.s.b.t या फिर रेलवे स्टेशन पर भी ताकि आते जाते यात्रियों को भी संपूर्ण उत्तराखंड के दर्शन महज 6 मिनट मैं हो जाये ओर पर्यटन प्रदेश उत्तराखंड मैं देवी देवताओं की देवभूमि को वो सभी लोग जाने जिन्हें मालूम नहीं है कि अपना उत्तराखंड मैं वो सबकुछ है जो आपको सकून दे।
आपके अंदर ऊर्जा पैदा करे, आपको रोमांचित करे,
बाघ की दहाड़ से लेकर , झरनों की वो आवाज, बर्फ से लद लद यहा की पहाड़ियां, गाँव के लोगो का ये प्यार आपका अभिनंदन ,
ओर यहा की मनमोहक वादियों की तो बात ही अलग है।
तो जो लोग उत्तराखंड के पहाड़ को छोड़ मैदान की तरफ निकल गए वे भी अब कहे कि आ अब लौट चले हमको पुकारे हमारा उत्तराखंड , हमारे गाँव के लोग, हमारा परिवार।
बता दे कि इसी प्रकार देश विदेश ओर उत्तराखंड की जनता बोलता उत्तराखंड पर बोल रही है और इस गीत की जमकर तारीफ़ करते हुए उत्तराखंडरत्न रमेश भट्ट की तारीफ कर रही है।
ओर करे भी क्यो ना रमेश भट्ट का हर क्षेत्र मैं किया गया कार्य पूरी निष्ठा से जो होता है।
देवभूमि के प्रति उनका लगाव ही तो उनको वापस उत्तराखंड खिंच लाया है।
वरना सोचिए जिस रमेश भट्ट का मासिक वेतन आज की तारीख मैं उत्तराखंड से बाहर काम करने पर लगभग 5 लाख से अधिक होता वे आज इस रकम के चौथे हिस्से के बराबर वेतन लेकर खुश है।क्योंकि उनका दिल बसता है सम्पूर्ण उत्तराखंड मैं,
अपने परिवार का मिलता है यहा पूरा साथ।
जो भी हो सके अपने स्तर से हर किसी की मदद करने को रहते है तत्पर तैयार। इसीलिए हम करते है उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट को सलाम
जिनके लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी कहते है कि रमेश का मेरे साथ काम करना मेरे लिए भी गोरव की बात है
तो रमेश भट्ट भी कहते है कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सर का ये बड़प्पन है। जो वो इतना प्यार और सम्मान हम सबको देते हैं।
बता दे कि इससे पहले

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने  सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में
शिल्पा प्रोडक्शन के बैनर तले बनाए गए ओर उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट द्वारा गाए उत्तराखंडी वीडियो गीत ‘जै जै हो देवभूमि’  को रिलीज किया था इस दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि सिर्फ 6 मिनट में देवभूमि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं नैसर्गिक प्राकृतिक सौन्दर्य को प्रस्तुत करने का प्रयास रमेश भट्ट ने अपने इस वीडियो गीत में किया है। उनका यह प्रयास उत्तराखण्ड को नई पहचान दिलाने में मददगार होगा। उन्होंने ये भी कहा कि इस वीडियो गीत के माध्यम हम समूचे उत्तराखण्ड का सिंहावलोकन कर सकते हैं। यह गीत प्राकृतिक सौन्दर्य एवं सांस्कृतिक विरासत व लोक संस्कृति को भी बढ़ावा देने में सहायक होगा। उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट की भावनायें उत्तराखण्ड से जुड़ी हैं, उनके इस गीत में गीत संगीत अभिनय की व्यापक झलक मिलती है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने रमेश भट्ट को बहुमुखी प्रतिभा का धनी बताते हुए राज्य के प्रति उनके लगाव एवं समर्पण की भी सराहना की।


ओर ये तक कह डाला कि मेरे लिए भी गौरव की बात है जो रमेश मेरे लिए भी काम कर रहे है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में छिपी प्रतिभाओं को निखारने तथा उन्हें अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान किये जाने के प्रयास किये जाने चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा उस दिन जागर गायिका पद्म श्री बसंती बिष्ट, शिक्षक प्रोफेसर के.डी. सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया।


विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल तथा सांसद अजय भट्ट, मंत्री धन सिंह रावत, विद्यायक मुना सिंह चौहान सहित कही अतिथियों ने गणमान्य लोगों ने भी रमेश भट्ट  के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान है। यह वीडियो देश व दुनिया के लोगों को उत्तराखण्ड आने का भी आमन्त्रण देता है।
तो रमेश भट्ट के गुरू श्री के.डी.सिंह ने कहा कि इस अवसर पर उन्हें सम्मान देकर उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट ने गुरू शिष्य परम्परा को जीवन्तता प्रदान की है। उन्होंने इस प्रयास को मिट्टी के ऋण से उऋण होने जैसा प्रयास बताया।
वही इस मौके पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार उत्तराखंड रत्न रमेश भट्ट ने कहा कि इस गीत में उत्तराखंड की सुंदरता के अद्भुत दृश्य दिखाने के प्रयास किये गये हैं। इसमें उत्तराखंड के उच्च हिमालयी चोटियों, आध्यात्मिक- धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक मेलों, पहाड़ की संस्कृति और जैव विविधता के दर्शन होंगे। इस गीत के बोल स्व. गोपाल बाबू गोस्वामी ने लिखे हैं। इस गीत को नए कलेवर में पेश करने का उन्होंने प्रयास किया है।
इस दौरान जब खचाखच भरे जनता दर्शन हॉल में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जैसे ही इस गीत को लॉन्च किया था , वहां मौजूद हर शख्स इस गीत के बोल औऱ फिल्माए गए खूबसूरत दृश्यों पर मोहित हो उठे। आयोजन में उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने इस गीत के भूरि भूरि प्रशंसा की। शिल्पा प्रोडक्शन के बैनर तले बनाए गए इस गीत को RameshBhatt / के यू ट्यूब  चैनल पर देखा जा सकता है। गीत को संजय कुमोला ने अपने संगीत से सजाया है, गीत का निर्देशन अरविंद नेगी तथा छायांकन संदीप कोठारी ने किया है।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, दिलीप सिंह रावत, मेयर ऋषिकेश श्रीमती अनीता मंमगाई, चार धाम विकास परिषद् के उपाध्यक्ष पं0 शिव प्रसाद मंमगाई, उत्तराखण्ड संस्कृति साहित्य एवं कला परिषद् के उपाध्यक्ष घनानन्द सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे।

महज 6 मिनट में कीजिये देवभूमि के दर्शन।
#जै_जै_हो_देवभूमि गीत अब आपके सामने पेश है।

वीडियो इस लिंक पर जाकर देखें।


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