मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नई दिल्ली में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री डा. महेन्द्र नाथ पाण्डेय से भेंट कर ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0’ में उत्तराखण्ड के लिए 38 करोड़ 99 लाख रूपए की राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि भारत सरकार द्वारा राज्य में 48 हजार युवाओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 74 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध कराई जानी प्रस्तावित थी। इसमें से 35 करोड़ 01 लाख रूपए की राशि भारत सरकार द्वारा अवमुक्त की जा चुकी है। अवशेष धनराशि 38 करोड़ 99 लाख रूपए की मांग भारत सरकार को प्रेषित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि केंद्र पोषित ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2.0’’ के माध्यम से राज्य के बेरोजगार युवाओं को 62 जॉब रोल में 300 से 900 घण्टों के रोजगारपरक अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। योजना के तहत 23,615 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। जिसमें से 18395 युवाओं को सर्टिफाई किया जा चुका है। उक्त के अतिरिक्त उत्तराखण्ड कौशल विकास मिशन द्वारा वर्तमान में 35 हजार युवाओं को विभिन्न सेक्टर व जॉब रोल्स में प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारम्भ किए जा चुके हैं। योजना की समाप्ति तिथि 31 मार्च 2020 तक निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड के लिए प्रस्तावित धनराशि 74 करोड़ रूपए में से अवशेष 38 करोड़ 99 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, सचिव आर.के.सुधांशु, सचिव श्रीमती राधिका झा भी उपस्थित थे।


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