हरीश रावत को आते है डरावने सपने, अरे कांग्रेसियों एक्शन से ही संभव होगा, न कि डायरेक्शन से , अकेला (बूढ़ा हरीश रावत) क्या क्या करेगा

148

 

 

कल गन्ना किसानों के भुगतान और न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता हरीश रावत ने विधानसभा के पास उपवास किया जमकर सभा को संबोधित भी किया। ओर जब हरीश रावत जनता को संबोधित कर रहे थे तो बोले कि
मैं अब रात को सो नहीं पाता हूं, मुझे डरावने सपने आते हैं।


ओर इस त्रिवेंद्र सरकार से उत्तराखंड की जनता त्रस्त है, हमारे किनासों भाइयों की हालत खस्ता है
बेरोजगारी कम होने की बजाय ओर बढ़ती जा रही है
और महंगाई का तो बुरा हाल है जो ओर भी अधिक चरम पर पहुँच गई है।
अब आप ही बताओ ऐसे में भला कौन चैन से सो सकता है।
जी हा ये सब कहना है उत्तराखंड पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का जब वे
गन्ना किसानों के भुगतान और न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर उपवास के दौरान सभा को संबोधित कर रहे थे।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने त्रिवेंद्र सरकार पर चौतरफा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का कोई भी निर्णय, कोई भी नीति आमजन के हित में कही भी नजर नहीं आती।


वे बोले कि गन्ना किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। उत्तराखंड के किसानों का लगभग ढाई सौ करोड़ का भुगतान पिछले दो साल से लटकाया हुवा है,
ओर ना तो समय पर तौल केंद्र खोले जा रहे हैं।
इसके साथ ही हरीश रावत ने कहा कि रोजगार सृजन के मामले में भी वर्तमान सरकार फिसड्डी साबित हो रही है। विभागों में 24 हजार पद रिक्त पड़े हैं और 12 हजार पद मृत घोषित कर दिए गए हैं। हरीश रावत ने कहा कि उनके कार्यकाल में तीन साल में 42 हजार नियुक्तियां की गई थीं। वे बोले आज युवा सरकार से सवाल पूछ रहा है।
इसके साथ ही हरीश रावत अपने दर्द को छूपा ना पाए और बोल गए कि जागो कांग्रेसियों यही समय है’
जी हा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी जमकर नसीहत दी है कि अब तो जाग जागो और सरकार की नितियों को लेकर सड़कों पर गुस्सा दिखाओ। वे कार्यकर्ता से कह रहे थे कि आमजन से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरना होगा।
ओर विपक्ष में रहकर महज रस्मअदायगी से काम नहीं चलेगा
ओर मिशन 2022 के विस चुनाव में कम से कम 50 सीटें जीतने का लक्ष्य रखना होगा। यह एक्शन से ही संभव होगा, न कि डायरेक्शन से।
हरीश रावत बोले वह अकेले कब तक लड़ेंगे। इसके साथ ही हरीश रावत ने आह्वान किया कि जनता के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ता लाठी खाने, जेल जाने के लिए अब तैयार रहो
ओर गांव-गांव तक जाकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करो।
बहराल हरीश रावत की उत्तराखंड में लगातार सक्रियता ने कहीं ना कहीं भाजपा के अंदर भी एक बेचैनी का माहौल बना दिया है अब चाहे इसे भाजपा का संगठन स्वीकारें या न स्वीकारें लेकिन हकीकत यही है क्योंकि जो सर्वे अभी तक निकल कर आ रहे हैं उससे यही बात साबित हो रही है कि इस बार उत्तराखंड मैं विधानसभा के चुनाव मैं जाते समय ना भाजपा के पास ना सरकार के पास किसी भी विकास के मुद्दे पर बहाना नही होगा, ओर ना वो कर सकती है ।क्योकि डबल इंजन उनके पास है, 57 का प्रचंड बहुमत उत्तराखंड की जनता ने उनको लगभग तीन साल पहले ही दे दिया था।
अब आगामी विधानसभा चुनाव मैं जाते समय भाजपा सगठन ओर सरकार जनता के आगे सिर्फ ओर सिर्फ अपने द्वारा किये गए विकास कार्य को लेकर ही जनता के बीच होगी और आगे का लक्ष्य जनता को बता कर वोट मागेंगे ओर नारा होगा जीरो टॉलरेश का ।
बोल होंगे
भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड हमने बनाया। त्रिवेंद्र पाँच साल फिर।
अब ऐसे मैं राहुल गांधी
सोनिया गांधी की उत्तराखंड कांग्रेस क्या चमत्कार कर सकती है ये देखने वाली बात होगी।
क्योंकि अभी तो अकेला हरीश रावत (बूढ़ा हरीश रावत) क्या क्या करेगा।
अकेला प्रीतम सिंह , अकेली इंदिरा ह्रदयेश, कोने मैं रखा हुवा किशोर, सिर्फ नाम का इनका प्रदेश प्रभारी वो भी अकेला ,
सभी अकेला अकेला है यहा
बल तब कैसे त्रिवेंद्र के प्रचंड को रोक पाओगे?
भाजपा के मजबूत सगठन को तुम कैसे भेद पाओगे?

हरीश रावत खुद तो कुछ बोले नही पर ये सन्देश बार बार दे रहै है कि एकजुटता दिखाओ
एक रहो
एक हो जाओ
ओर ये नही कर सके तो फिर अंजाम तुम भी जानते हो और मैं भी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here