उत्तराखंड मै भाजपा के कुछ नेता व त्रिवेंद्र सरकार के एक दो मंत्रियो को छोड़ अधिकांश बीजेपी के मंत्रियों और नेताओं ने तो मानो उत्तराखंड के राज्य सभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तथा मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी को भूला ही दिया हो। इस प्रकार की खबरें सोशल मीडिया मैं आजकल वायरल हो रही है
ख़बर है कि उत्तराखंड के राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी जी का हाल-चाल पूछने के लिए मुंबई तक जाने के लिए उत्तराखंड के भाजपा कुनबे के दिग्गज नेताओं को समय नही ।


जानकारी अनुसार उत्तराखंड के
राज्य सभा सांसद अनिल
बलूनी अस्वस्थ है और इस समय मुंबई के एक अस्पताल मै स्वास्थ्य लाभ ले रहे है
जानकारी है कि उनके स्वास्थ्य मे भगवान केदारनाथ जी के आशीष से, कुल देवी देवताओं की किर्पा से वे ठीक हो रहे है और अभी पूर्णत उन्हें स्वस्थ होने मैं लगभग 4 महीने ओर लगेंगे ।


उनके सुभचिन्तक दुवा मागते है कि अनिल बलूनी जी फिर से स्वस्थ हो समय जो भी लगे कोई बात नही।

दूसरी तरफ जानकारी है कि भाजपा पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद अनिल बलूनी जी से अस्पताल में लगभग दो बार मिल चुके हैं।
ओर इसके साथ ही ख़बर है कि , महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी , पौड़ी लोकसभा के सांसद तीरथ सिंह रावत, भी अनिल बलूनी को मिल कर उनके हाल-खबर ले चुके हैं।
सुनने मैं आता है कि भाजपा का दिल्ली हाईकमान ओर कही केंद्रीय मंत्री स्वयं अनिल बलूनी का हाल जानने अस्पताल पहुचे है ।
बता दे कि उत्तराखंड ही बलूनी की असली कर्म भूमि और जन्मभूमि है। स्वास्थ अधिक खराब होने से लगभग 2 महीने पहले वह लगातार उत्तराखंड के लिए विकास की योजनाएँ लाने और नई योजनाओं के बारे में सोचने में खूब मेहनत मै लगे हुए थे लेकिन अचानक स्वास्थ्य उनका खराब हो गया ।
अभी तक उन्होंने पिछले एक साल के दौरान जो कहा या वादा किया उसे पूरा भी किया है । बलूनी की सोच उन्हें अलग नेता की पहचान दिलाती है।
कहा जाता है कि अनिल बलूनी को पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की गुड बुक में शुमार किया जाता है। यही बात है कि उनके गंभीर रोग से ग्रस्त होने की जानकारी मिलने पर दिल्ली और अन्य प्रमुख राज्यों के बीजेपी नेता उनसे मिलने लगातार मुंबई पहुँच रहे है जिनमे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हैं।
बलूनी जी के सुभचिन्तक से मालूम चला है कि उनका ईलाज विशेषज्ञ चिकित्सकों का दल कर रहा है। उन पर लगातार निगाह रखी जा रही है।
ओर उनके ईलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। केंद्र सरकार और पार्टी हाई कमान भी उनके स्वास्थ्य के बारे में नियमित रिपोर्ट ले रहे हैं।
कुछ लोग कह रहे है कि ऐसी परिस्थितियों में भी उत्तराखंड के नेताओं और मंत्रियों का उनसे मुलाक़ात करने मुंबई न जाना काफी ताज्जुब की बात लग रही है ।
लेकिन इन सब से हटकर एक ओर ख़ास बात ये है कि
बलूनी खुद के गंभीर रूप से रोग ग्रस्त होने के बावजूद उत्तराखंड के ईमानदार पीसीएस अफसर हरक सिंह रावत की मदद के लिए आगे आए।
आपको बता दे कि हरक सिंह रावत जी की तबियत भी खराब है।ओर उनका ईलाज इस समय मुंबई के टाटा अस्पताल में चल रहा है ।
जब अनिल बलूनी जी को
ईमानदार मेहनती
हमारे पहाड़ के अफसर हरक सिंह जी की तबियत के बारे मे मालूम चला तो अनिल बलूनी जी ने खुद बिस्तर पर होने के बावजूद फोन कर के टाटा अस्पताल प्रबंधन को फोन किया। ओर हरक सिंह के इलाज़ कर रहे चिकित्सकों को रावत के ईलाज में कोई कसर न छोड़ने को कहा। निवेदन किया ।बलूनी की यही सोच उन्हें सबसे अलग बनाती है।

जानकारी अनुसार हरक सिंह रावत का ईलाज पहले दिल्ली के एम्स में चल रहा था। मामला और गंभीर हुआ तो वह टाटा अस्पताल शिफ्ट हो गए।


बहराल भगवान हरक सिंह जी को ओर अनिल बलूनी जी को जल्द स्वस्थ करे ये दुवा।आज पुरा उत्तराखंड माँग रहा है।


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