आप ही बताओ मै किस-किस का मुंह बंद करूं, और मुझे मुख्यमंत्री जी की …

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उत्तराखंड के कद्दावर और बेबाक मंत्री हरक सिंह रावत का नाम आज फिर सुर्खियों में है और यह नाम सुर्खियों में इसलिए आया है कि लगातार इस तरह की अफवाहें उड़ाई जा रही है कि हरक सिंह रावत एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं?? जानकार बता रहे हैं कि हरक सिंह को बदनाम करने की नियत से इस प्रकार का षडयंत्र उनके ही विभाग से ओर उनके राजनीतिक विरोधी उड़ा रहे है जिनको हरक सिंह ने त्रिवेंद्र राज मैं जीरो टाल रेस का पाठ पढ़ाया ही नही सिखाया भी है।
वन मंत्री हरक सिंह रावत लगातार इस बात को कह रहे हैं कि ऐसा बिल्कुल भी कुछ नहीं है। मैं किस-किस का मुंह बंद करूं। या कर सकता हूं लगभग जब से ही भाजपा में आया हूं तब से लगातार यह बात कही जा रही है कि मैं कांग्रेस में वापस जा रहा हूं जो सरासर गलत है मैं अपनी पूरी शक्ति इच्छा और तन मन धन से वन एवं पर्यावरण मंत्री या जो भी विभाग मुझे दिए गए हैं उनमें ईमानदारी के साथ कार्य कर रहा हूं और पूरी निष्ठा के साथ लगातार कार्य कर रहा हूं आप ही बताइए जब मैं अच्छा काम करूंगा तो तारीफ किसकी होगी?? तारीफ सरकार की होगी ना , मुख्यमंत्री जी की होगी, भाजपा की होगी, मोदी जी की होगी, और हमारी होगी , हम ओर हमारी सरकार तेज़ी के साथ विकास कर रही है ।और जो लोग मेरे काँगेस मे फिर से जाने की या इस प्रकार की जो खबरें उड़ाई जा रही है मैं इसका खंडन करता हूं ,इसके साथ ही हरक ने कहा कि हां यह बात जरूर है कि जिस घर में ज्यादा बर्तन होंगे वह आपस में खटगे जरूर , पर जरूरी नहीं कि मेरी सारी बातें ही मुख्यमंत्री जी को अच्छी लगे और मुझे मुख्यमंत्री जी की  आपस में विचार-विमर्श चलता रहता है पूरी सरकार के साथ चलता रहता है लेकिन ऐसा नहीं कि मैं कांग्रेस में वापस जा रहा हूं इस प्रकार की खबरें सोशल मीडिया में सुनता रहता हूं अब मैं इन सब बातों को सुनने के बाद आखिर किस किस को जवाब  दू


मीडिया की सुर्खियों में आजकल हरक सिंह छाए हुए है,
बोलता उत्तराखंड मै हरक ने हर उड़ती बातों का खंडन किया है और कहा है कि जो बातें लोग चला रहे हैं वे गलत है।
जिससे हरक को ना फर्क पड़ता है।ना उनको जिन को हरक पर विस्वास है। इसके साथ ही हरक सिंह रावत ने कहा कि वह लंबे समय से उत्तराखंड राज्य में विभिन्न विभिन्न पदों पर सेवा करते आए हैं और आज भी कर रहे हैं उनके अनुसार सन् 1991 से लेकर आज तक जितने भी महत्वपूर्ण पद हैं उन्होंने सभी पदों पर कार्य किया है फिर चाहे वह मंत्री का पद हो, विधायक का पद हो, नेता प्रतिपक्ष का पद हों, या कुछ और सही आदि आदि उन्होंने लगातार हर पद पर रहते हुए अपने दायित्व को पूरा किया है और गलत के खिलाफ हर समय आवाज उठाई है इस आवाज में भले ही उनका खुद का नुकसान क्यों ना हो गया हो लेकिन उन्होंने अपनी आवाज दबाई नहीं
हरक सिंह कहते हैं कि मै अब थक गया हूं बार बार चुनाव लड़ लड़ कर ,चुनाव लड़ने का मन नहीं करता अब।

इच्छा है अपने गांव अपने खेत में काम कर अपनी आगे की जिंदगी गुजारो हालांकि हरक कहते हैं कि भविष्य किसी ने नहीं देखा आने वाले समय में अगर भारतीय जनता पार्टी कोई ओर काम देगी , हाईकमान जो भी आदेश देगा वह स्वीकार होगा लेकिन इच्छा यही है कि आप हकीकत में मैं रिवर्स पलायान करूं अपने गांव घर में खेती-बाड़ी कर अपना गुजारा करू। बहराल हरक सिंह ने जो भी कहा ये दिल से कहा।
ये बात तो सच है कि हरक सिंह दिल से बोलते है और सच बोलते है।
वे उन नेताओं की तरह नही जो सिर्फ बहला कर रखते है जनता को ओर अपने चहेते लोगो को।
हरक जो कहते है वे करते है।और जो नही हो सकता उसके लिये साफ मना करदेते है


ओर इससे भी ज्यादा सच ये है कि हरक बदनाम है सच बोलने के लिए, सीधी बात कहने के लिए,
बाकी आगे हरक सिंह की किस्मत मैं क्या लिखा है ये तो भविष्य ही जाने पर जो भी लिखा।

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