रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पूरे दिन भर एक्शन मैं थे , क्या क्या हुवा आज पूरी ख़बर

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को गांधी पार्क, देहरादून में प्रदेश को सिंगल यूज प्लास्टिक से मुक्त करने विषय पर वन विभाग द्वारा आयोजित ग्रीन मैराथन (हॉफ) को झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे मात्र प्रथम, द्वितीय आने के लिए न भागें बल्कि रास्ते में पड़े सिंगल यूज प्लास्टिक को भी उठाएं। ऐसा करने वाला ही सही मायने में विजेता होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पूरे देश से सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग को बन्द करने का जो अभियान चलाया है, इसमें हम सभी को अपनी भागीदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक मुक्त, स्वस्थ-सुंदर एवं ग्रीन दून बनाने के लिए सभी देहरादून वासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। हमने पॉलीथीन मुक्त दून बनाने का संकल्प लिया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि आज प्लास्टिक का इस्तेमाल, सामाजिक बुराई बन गई है। मानव जीवन एवं जीव-जन्तुओं पर इसके अनेक दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। पॉलीथीन मुक्त देहरादून के लिए नगर निगम देहरादून द्वारा जो अभियान चलाया जा रहा है, इसके काफी अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। प्रदेश को पॉलीथीन मुक्त बनाने के लिए जन सहयोग के साथ ही सभी को पॉलीथीन का उपयोग न करने का दृढ़ निश्चय करना इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने गांधी पार्क में नगर निगम देहरादून द्वारा तैयार किये जा रहे ओपन जिम का भी निरीक्षण किया गया।
इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन एवं प्रमुख वन संरक्षक श्री जयराज भी उपस्थित थे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने रविवार को देहरादून के एक स्थानीय होटल में आरोग्य भारती, उत्तराखण्ड आयुर्वेद विश्विद्यालय एवं राज्य औषधीय पादप बोर्ड, उत्तराखण्ड, देहरादून के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘‘लोक स्वास्थ्य परम्परा में हिमालयी क्षेत्र की वनौषधियां‘‘ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारम्भ किया। इस अवसर पर आयोजकों को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पूरी दुनिया में आयुष के प्रति विश्वास बढ़ रहा है। साइड इफेक्ट न होने के कारण इस पद्धति को विदेशों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। इसके लिए विदेशों में वैलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे पाए जाते हैं। आयुष के क्षेत्र में अभी भी शोध किए जाने की जरूरत है, तभी वैश्विक स्वास्थ्य की हमारी संकल्पना को पूर्ण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी आयुष को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। कृषि क्षेत्र में विकास के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के समान ही मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास परियोजना लागू होगी। इससे किसानों को काफी सुविधा होगी। इसके साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए सीमांत तहसीलों में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना लाई जाएगी। इससे पहाड़ों और दूरस्थ क्षेत्रों से पलायन रुक सकेगा और इससे रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इसका सुझाव उन्हें सैनिक सम्मेलन में प्राप्त हुआ था।


कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में वनौषधियों की बहुत अधिक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि को औषधीय भूमि भी कहा जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में ऐरोमेटिक फार्मिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आरोग्य भारती डॉ रमेश गौतम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
वही रविवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड की विभिन्न लोकेशन्स में शूट की जा रही हिन्दी फिल्म ‘‘शुभ निकाह‘‘ का मुहूर्त शॉट लिया। इस फिल्म का 90 प्रतिशत हिस्सा उत्तराखण्ड में फिल्माया जाना है।


  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति से सुन्दरता का वरदान प्राप्त है। यहां की प्राकृतिक सुन्दरता और लोकेशन्स शूटिंग के लिए अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को फिल्म निर्माण में किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए प्रदेश में प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जहां से औसतन 3-4 दिनों में सभी तरह की क्लियरेंस दे दी जाती हैं। यहां शूटिंग कर चुके फिल्मकार भी इस बात की प्रशंसा करते हैं कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग के समय स्थानीय लोगों द्वारा किसी प्रकार का व्यवधान नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को सहयोग देने के लिए राज्य सरकार हमेशा तत्पर है।
    मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में फिल्म, टीवी सीरियल आदि की शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए फिल्मकारों व इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से प्राप्त सुझावों को राज्य सरकार द्वारा अमल में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गत वर्ष आयोजित इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त सुझावों को समाहित कर राज्य की फिल्म नीति बनाई गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में यहां फिल्मों व टीवी सीरियलों की शूटिंग हो रही है।
    इस अवसर पर मेयर देहरादून सुनील उनियाल गामा, फिल्म निर्माता भूपेन्द्र संधू, अर्श संधू, फिल्म निर्देशक अरशद सिद्धकी एवं नायक-नायिका सहित फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार व क्रू मेंबर भी उपस्थित थे।


ओर आज स्याम को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र गिरी जी महाराज, महामंत्री श्री हरि गिरी जी महाराज, मनसा देवी मंदिर, हरिद्वार के अध्यक्ष स्वामी रवीन्द्र पुरी जी ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भेंट की। उन्होंने आगामी कुम्भ मेले से सम्बन्धित विभिन्न विषयों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की।

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