वन महकमे को हरक से नही पड़ता फर्क! बेबाक हरक आज लाचार क्यो ??

उत्तराखंड की सियासत पर
उत्तराखंड की जनता पर
पहाड़ की जनता पर
सड़क से लेकर सदन तक अपनी छाप छोड़ने वाले बेबाक पहाड़ी नेता


वन मंत्री हरक सिंह रावत को अब उनके महकमे के लोग ही नजर अंदाज कर रहे है?? क्या राज्य मैं अफ़सर शाही हावी हो गई है !! या अब हरक के नाम से वन महकमे के अड़ियल अधिकारियों को नही पड़ता फर्क ??
क्या प्रोटोकॉल का भी पालन नही हो रहा है या प्रोटोकॉल नाम की चीज़ है भी या नही!!
ये तमाम वायरल होते ट्वीट
ओर ये निमंत्रण
पत्र क्या कह रहा है देखते है।

अच्छा तो ये बात है मंत्री जी का नाम तक नही है बल।
क्या इस बात से हरक को फर्क पड़ेगा बल ? या वन महकमे के …… लाट साहबो को !! ये तो समय ही बताएगा।

या फिर नाम ना होने के कुछ और कारण है  ये महकमे के लोगो से  पूछ लिया जायेगा।लेकिन भाई हम तो इतना जानते है कि जब भी वन मंत्री हरक सिंह रावत को वन महकमे के अफसरों के साथ बैठक करते देखा, सुना, या जो जानकारी मिली वो यही की आज के हरक इस महकमें के अफसरों को हाथ जोड़ जोड़ कर निवेदन करते रहते है कि भाई इस काम को जल्द से जल्द करे जनहित के कार्य है ।
मगर मज़ाल है लाट साहबो को इससे कोई फर्क पड़ता हो। उनके पास अपने तर्क है वितर्क है । जो जारी है आज ही।
खैर मंत्री हरक सिंह जी नाराज मत होना बल ।


ओर आप भी सुनिए
1991 के दौरान से ही मंत्री बन चुके पहाड़ी नेता हरक सिंह रावत को आज 2019 के वन मंत्री हरक को
ये सब सुनने की ,समझने की , इस राजनीति की , मनमौजी अफसरशाही की ओर ना जाने क्या क्या किन किन बातों का लंबा अनुभव है।
इसलिए साल 1991 से अब तक ना जाने कितने महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहने वाले, नेता विपक्ष की भूमिका मैं रहने वाले,
साल 2016 तारीख 18 मार्च जगह विधानसभा से पिछली हरीश सरकार को उखाड़ फेंकने वाले।
भाजपा के नायक ओर हरीश रावत के लिए विलन बनने वाले।
ओर कल क्या करने वाले
हरक का कुछ पता नही कब कहा फर्क पैदा कर दे।

 

 

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