मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सावधान, जिनका धंदा हो गया मंदा! आपकी वजह से वो गुस्से मै है और मौके की तलाश मे

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मीडिया से अनौपचारिक वार्ता करते हुए कहा है कि देवभूमि उत्तराखंड में गलत कामों को बर्दाश्त नही किया जाएगा। असामाजिक और गैर कानूनी कृत्यों में संलिप्त तत्वों को कानून के तहत कङी से कङी सजा दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा। अवैध गतिविधियों में अधिकारी, कर्मचारियों या किसी अन्य स्तर पर मिलीभगत पाए जाने पर संबंधित को बख्शा नही जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दे दिया गया है कि किसी तरह की लापरवाही न हो। पुलिस विभाग से पूरे प्रदेश में अवैध शराब, नशा व आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए अपना तंत्र खासतौर पर मुखबिर तंत्र मजबूत करने को कहा गया है। अपराधियों में पकङे जाने का भय होना चाहिए। आम जनता से भी सहयोग लेना आवश्यक है। पुलिस महकमे को शासन स्तर से जो भी मदद की जरूरत होगी, दी जाएगी।
बहराल सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत अब खतरनाक एक्शन के मूड़ मैं साफ दिखाई दे रहे है , वे बोलते कम है और करते अधिक है, इन मुख्यमंत्री को चापलूसी पसंद नही , ये दिल से नरम जरूर है पर उससे अधिक गलत लोगो के लिए कड़क ।


त्रिवेंद्र रावत के ढाई साल के काम काज पर तो जनता ही मोहर लगयेगी ।
लेकिन बोलता उत्तराखण्ड डंके की चोट पर कहता है कि त्रिवेंद्र रावत के ढाई साल के काम काज मैं कोई भी ये नही कह सकता कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार हुआ है। अगर कोई कहता है तो वो प्रमाण दे उसको भी छापेंगे।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने मुख्यमंत्री बनने के दिन से ही जीरो टॉलरेंस की नीति से सरकार चलाने का वादा किया था और उसी वादे को लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत अभी तक खरे उतरे हैं वो बात अलग है किन इन ढाई सालों में त्रिवेंद्र रावत को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाने के लिए तमाम लोगों ने खूब षड्यंत्र भी रचे, और उन षड्यंत्र में कई राजनीतिक लोगों का हाथ , कहीं शराब माफियाओं का हाथ, खनन माफियाओं का हाथ, भू माफियाओं का हाथ, निकमे करोड़पति ठेकेदारों का हाथ, कुछ उन पुराने रिटायर्ड नोकरशाह का हाथ,


सीधे तौर पर था!! और आज भी है !!! वो चाहते हैं कि आज भी त्रिवेंद्र को कुर्सी से हटा दिया जाए । जिसके लिये साम दाम दंड भेद हर तरह से खूब चाले चली गई लेकिन मजाल है जो त्रिवेंद्र का बाल भी बका हुवा हो । उसकी सबसे बड़ी वजह है कि त्रिवेंद्र जीरो टॉलरेंस की नीति से अपना काम करते चले गए ।
ओर इस बीच लूट खसोट मचाने वाले पागल ,बेचैन, ओर बोखाल गए त्रिवेंद्र की इस नीति की वजह से ही आज राज्य के कई वो लोग परेशान हैं जिनका 40 से 30 फीसदी का कमीशन बंद जो हो गया ।
नाम नहीं लेना चाहेंगे लेकिन कहीं बड़े और अनुभवी नेता आज दुखी है क्योंकि उनकी पगार के इलावा होने वाली सारी कमाई पर रोके जो लग गई है। इसलिए हर कोई स्याम होते ही त्रिवेंद्र पर अपना गुस्सा निकालते हुए नजर भी आता है मगर गुपचुप तरीके से ।
राजनीतिक गलियारों से लेकर सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हर तरफ अपनी पहचान बनाने वाले परेशान है वो लोग जिनकी रोजी रोटी पगार को छोड़कर अन्य धंधों से चलती थी।
और उनके उस धंदे पर लगाम लगाई त्रिवेंद्र रावत ने इसलिए सब परेशान है और आज भी त्रिवेंद्र को कुर्सी से हटाने के लिए सोचते रहते हैं कि अब क्या किया जाए और कैसे किया जाए बहराल यह तो राजनीति है सियासत है या हर कोई किसी ना किसी के पीछे हाथ धोकर पड़ा है मगर उनको सोचना चाहिए कि ये प्रचंड बहुमत की सरकार है ।
हां यह बात सच है अगर भाजपा का बहुमत सिर्फ 37 से 40 के बीच तक का भी होता ।

 
तो यकीनन अभी तक महत्वाकांक्षी लोग त्रिवेंद्र को कुर्सी से हटाने में शायद कामयाब भी हो जाते लेकिन भाजपा के ईमानदार , कर्मठ नेताओं, विधायकों का विश्वास है त्रिवेंद्र रावत इसलिए त्रिवेंद्र को फर्क नहीं पड़ता षड्यंत्र रचने वाले रच रहे हैं और आगे भी रचते रहेंगे मगर त्रिवेंद्र सिर्फ अपने काम को अंजाम दे रहे हैं प्रदेश के लिए, प्रदेश के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं इसलिए हम तो यही कहते हैं त्रिवेंद्र जी आपके ढाई साल के कामकाज पर मोहर लगाने का काम तो जनता जनार्दन का है वही तय करेगी कि वह आपसे खुश है या नाराज उस मामले मैं हम कुछ नही कहेगे ये उनका अधिकार।
लेकिन हम आपसे इसलिए खुश है कि आपने ओर आपकी पूरी सरकार ने ढाई साल में ऐसा कोई काम नहीं किया जिससे प्रदेश की जनता बोल उठे कि त्रिवेंद्र रावत की सरकार भ्रष्टाचारी है भ्रष्टाचारी है आपकी सरकार का मंत्री आज की तारीख में। आगे सब कुछ ऐसा ही चलता रहा या इसके आगे कुछ बदलेगा यह तो समय बताएगा लेकिन फिलहाल इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आपने पारदर्शिता के तहत सरकार अब तक चलाई है इसलिए आपको बधाई और सावधान आप के खिलाफ आगामी पंचायत चुनाव में भी खूब होने वाले है षड्यंत्र आपके विरोधी चाहते हैं की आखिरी कोशिश कर ली जाए और पंचायत चुनाव में भाजपा का परचम ना लहराए ताकि वो कह सके कि मोदी जी देखो आपके नाम की वजह से हम लोकसभा जीत गए , निगम भी जीत गये , उपचुनाव भी जीत गए । मगर यहा अगर मगर करे ।
इसलिए पंचायत चुनाव पर अपनी पैनी नजर रखना सरकार आपके कुछ सुभचिन्तक नहीं चाहते कि आप प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे!! वही रच रहे हैं ठीक ठाक षड्यंत्र बाकी आप से क्या छुपा होगा ये सब बातें तो सुनी सुनाई है जो हम बोल रहे है सच तो आप भी जानते होंगे।
बधाई आपको बोलता उत्तराखण्ड परिवार की तरफ से ।

 

 

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