देहरादून शहर में बिंदाल नदी से लगे पथरिया इलाके में जहरीली शराब पीने से 48 घंटे के भीतर सेवानिवृत्त फौजी समेत आधे दर्जन लोगों की मौत हो गई दुःखद है अभी भी तीन लोगों की हालात गंभीर बनी हुई है। तो वही लोगों की मौत के बाद इलाकों में लोगों का गुस्सा फूट कर सामने आ गया मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के निदेश पर तत्काल एक्शन हुवा ओर
दो आबकारी निरीक्षक और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया। जबकि कोतवाल सहित चौकी इंचार्ज को भी निलंबित कर दिया गया तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए न्यायिक जांच के आदेश कल ही दिए थे
इस पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा निरीक्षक शिशुपाल सिंह नेगी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर और उप निरीक्षक कुलवंत सिंह, चौकी प्रभारी धारा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।


बता दे कि दरअसल पथरिया पीर भाग दो मुहल्ले में कई ऐसे ठिकाने हैं, जहां अवैध रूप से शराब बेचने का गोरखधंधा चल रहा था। जानकारी अनुसार मौत के मुंह में गए सभी लोगों ने एक ही अवैध ठिकाने से शराब खरीदी थी। बृहस्पतिवार को सबसे पहले राजेंद्र को मौत हुई जिसकी उम्र 30 साल थी। राजेंद्र ने शराब का सेवन किया था। इसके बाद लल्ला उम्र 32 साल और सेवानिवृत्त फौजी शरण उम्र 58 साल की मौत हुई थी। तीनों को दून अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया जानकार कहते है कि इन्हें वायरल की शिकायत होने के कारण परिजनों को लगा कि बीमारी के चलते उनकी मौत हुई है। इसीलिए तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। जिसमे भी षड्यंत्र की बू आ रही है


ये सिलसिला शुक्रवार को भी नही थमा। अचानक तबीयत बिगड़ने पर आकाश उम्र 24 साल सुरेन्द्र उम्र 34 साल और इंदर उम्र45 साल को हालत बिगड़ने पर दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर एक-एक कर उनकी मौत हो गई। तब जाकर हल्ला मचा कि इन सभी लोगों की मौत जहरीली शराब के सेवन से हुई है। ये सब जानकर इलाके के लोगों का आक्रोश फूट पड़ा।
वही लोगो ने पुलिस पर शराब बेचने वालों के साथ सांठगांठ का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। बता दे कि बृहस्पतिवार को तीन लोगों की मौत हुई थी, जिसकी कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी गई। परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया। रोजमर्रा शराब पीने वालों की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उपचार के दौरान तीन की मौत हो गई। कल रात से
पुलिस ने शराब बेचने वालों की धरपकड़ की पर स्थानीय लोगो का कहना है कि छोटे लोगो को पकड़ा गया जबकि बड़े मगरमच्छ अभी भी फरार है।
आपको बता दे कि लगभग सात महीने पहले भगवानपुर तहसील क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में जहरीली शराब कांड में लगभग 44 लोगों की मौत का मुख्य कारण पुलिस और आबकारी विभाग के बीच समुचित तालमेल का अभाव व नियमित चेकिंग नहीं होना पाया गया था
इस घटना की मजिस्ट्रीयल जांच में यह बात सामने आई थी जिला स्तरीय अधिकारियों ने मजिस्ट्रीयल अधिकारी की जांच रिपोर्ट को अवलोकन करने के बाद शासन को भेज दिया है। अब शासन की ओर से लिए जाने वाले संज्ञान का इंतजार किया जा रहा है। बता दे के बीती आठ फरवरी को झबरेड़ा थाना क्षेत्र के बाल्लुपुर समेत कई गांवों और सहारनपुर में जहरीली शराब पीने से 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इसमें 44 अकेले हरिद्वार जिले के थे। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को हिला देने वाले जहरीली शराब कांड में तत्कालीन डीएम दीपक रावत ने मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दिए थे। फिर इसकी जिम्मेदारी तत्कालीन अपर जिलाधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा को सौंपी गई थी। उन्होंने कई दिनों तक प्रभावित गांवों का दौरा कर साक्ष्य जुटाए। सैकड़ों लोगों के बयान भी दर्ज किए थे। बाद में उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम कार्यालय में जमा करा दी थी। इसके तुरंत बाद उनका स्थानांतरण हो गया और जिलाधिकारी भी बदल गए।
वहीं नए डीएम दीपेंद्र चौधरी ने जांच रिपोर्ट का अवलोकन कर शासन को भेज दिया। सूत्रों की मानें तो जांच में जहरीली कांड का प्रमुख कारण उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाली कच्ची शराब को रोकने के लिए नियमित रूप से बॉर्डर पर चेकिंग नहीं किया जाना था।
सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर समन्वय बनाकर चेकिंग की जाती तो इस कांड से बचा जा सकता था। डीएम कार्यालय से यह रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। डीएम दीपेंद्र चौधरी ने रिपोर्ट मिलने और शासन को भेजने की पुष्टि की है।
अभी शासन की ओर से संज्ञान लिए जाने का इंतजार किया जा रहा है। बता दें कि इससे पहले विधानसभा की ओर से भी गठित एक समिति ने भी प्रकरण की जांच की थी। उधर, इस कांड के बाद कच्ची शराब के धंधे का भंडाफोड़ और चेकिंग के लिए शासन के निर्देश पर जिले में एक समन्वय समिति का गठन किया गया है। डीएम की अध्यक्षता में गठित इस समिति में एसएसपी, संबंधित तहसीलों के एसडीएम, सीओ और थाना प्रभारी समेत आबकारी विभाग के जिला व तहसील स्तर के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।

बहराल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र जी आपके अपने ही कर रहे है आपको बदनाम !
या कह लीजिए आपकी सरकार को बदनाम
जहा लोगो की मौत हुई वहा से महज कुछ कदमो के बाद आपके विधायक गणेश जोशी जी का घर है और वो यहा के क्षेत्रीय विधायक भी है जब उनसे बात की जाती है तो वे कहते है कि मैं काफी समय से देहरादून के पुलिस अधिकारीयो से लगातार शिकायत कर रहा था ।पर हुवा कुछ नही ओर जब कुछ होता था तो अवेध शराब बेचने वालों को पुलिस के छापे की ख़बर पहले ही मिल जाती थीं
जिससे वो लोग बच निकलते थे
ओर विद्यायक जी ने कहा कि पुलिस के नीचे के लोगो की मिलीभगत से ये सम्भव नही।
यही नही ।
गणेश जोशी जी ने पूरे सिस्टम को खराब बता डाला ओर यही नही जिस विभाग को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र जी फिलहाल आप देख रहे है यानी कि आबकारी विभाग उसे निकमा ओर फैल बता डाला ???
यही नही उस क्षेत्र के पार्षद ओर लोग पत्रकार वार्ता करके कहते है जो सभी भाजपा परिवार के है
वो कहते है कि इस पूरे मामले मैं पुलिस की गलती है।विधयाक जी का ओर मेरा मतलब पार्षद का कोई रोल नही। अगर वो ये भी कहते है तो ग्रह विभाग किसके पास है ??
आबकारी विभाग आज भी सरकार को गुमराह कर रहा है।
सरकार से महत्वपूर्ण बातों को छुपाने के सिवा उसका दूसरा कोई काम नही!
चाहे देहरादून मैं लोगो की मोत का मामला हो या पूरे देहरादून मैं हर शराब की दुकान मैं ओवर रेट की शराब का बिकना वो भी 10 रुपये से 50 रुपये तक कि बात
पर वहां भी आबकारी विभाग सब कुछ जानकर आंखे बंद करके बैठा है।

मुख्यमंत्री जी हमको तो लगता है सबने कसम खा ली है कि बस हाथ धो कर आपके पीछे पढ़ जाओ।
क्षेत्र का पार्षद ओर विधयाक गणेश जोशी जी ने तो अपना पल्ला इस तरह झाड़ा जैसे उनकी कोई जवाबदेही बनती ही नही , आबकारी विभाग तो बस ये समझ ले कि उसको किसी से कोई सरोकार ही नही
विपक्ष मुर्दाबाद कहे ये त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ सडक़ पर हो उनको कोई फर्क नही पढ़ता!!
मुख्यमंत्री जी बहुत सी बातें है जिन्हें सुनकर देख कर समझ कर आपको ये लग सकता है कि मुझे तो ( भाजपा की सरकार को , त्रिवेंद्र रावत की सरकार को ) घेरने के लिए या घिरवाने के लिए अपने ही लोग काफी है।
विपक्ष की तो जरूरत ही नही ???
सवाल बहुत है ।खेर हमको उम्मीद है कि जो एक्शन आपने लिया है आप इससे भी बड़ा एक्शन सोमबार तक लेते नज़र आएंगे।
ताकि जीरो टॉलरेंस का आपका सकल्प गतिमान रहे।



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