आपको बता दे कि अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कुपोषण को समाप्त करने के लिए प्रदेश में संचालित पोषण अभियान को सफल बनाने के लिए सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सभी सम्बन्धित विभागों को समन्वय से कार्य करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है। अतः इसके लिये सभी अभियान से जुड़े सभी विभाग समन्वय से कार्य करें, ताकि इस अभियान को सफल बनाया जा सके। उन्होंने इसके लिये शहरों की मलिन बस्तियों में विशेष रूप से सघनता से कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि समेकित प्रयासो से ही इस समस्या का समाधान हो सकेगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि उत्तराखण्ड इस अभियान में देश में अग्रणी रहे।
उन्होंने कहा कि पोषण माह के दौरान निर्धारित 5 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत एक हजार दिनो का कार्यक्रम तय किया है ।जिसमें एनीमिया, डायरिया, हैण्डवास एवं स्वच्छता व पौष्टिक आहार के विषय में विस्तृत रूप से समन्वय से इसका कार्यान्वयन सुनिश्चित किया जाय।


उन्होंने सभी विभागों को इससे सम्बन्धित कार्यों का आवंटन करते हुए निर्देश दिये कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एनीमिया, अतिकुपोषित बच्चों की जानकारी व टीकाकरण का कार्य किया जाय।
पेयजल व स्वच्छता विभाग स्कूलो व आंगनबाडी केन्द्रो में स्वच्छ जल की उपलब्धता तथा स्वच्छता की जानकारी, शिक्षा विभाग द्वारा किशोरी बालिकाओं के लिये जागरूकता अभियान संचालित किया जाय, इसमें चिकित्सा विभाग का भी सहयोग लिया जाय। कृषि विभाग द्वारा फसल कटाई के समय आंगनबाड़ी केन्द्रो के बच्चों के लिये एक-एक मुट्ठी अनाज देने के लिए काश्तकारों से समन्वय कर इसकी व्यवस्था की जाए, जबकि युवा कल्याण विभाग द्वारा नेहरू युवा केन्द्र, एन.एस.एस के सहयोग से जन जागरूकता रैली के आयोजन किये जाने के साथ ही सूचना विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में मीडिया से समन्वय व विभिन्न संचार तकनीकि के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार करने के निर्देश उन्होंने सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक, राजेश कुमार जी को दिये।
बैठक में निदेशक महिला कल्याण एवं बाल विकास सुश्री झरना कमठान द्वारा कार्यक्रम की कार्यवाही व प्रगति की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर उपनिदेशक, राष्ट्रीय पोषण मिशन सुजाता सहित शिक्षा, विद्युत, नियोजन, कृषि व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।



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