संवेदनहीनता की सारी हदें पार, स्ट्रेचर पर लेटे मरीज के कटे हुए पैरों को ही बना दिया तकिया

मानवता को शर्मशार कर देने वाली ये ख़बर है
बता दे कि बड़खल फ्लाईओवर के पास नई दिल्ली-मुंबई सेंट्रल राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक व्यक्ति के दोनों पैर कट गए दुःखद तब उसे गंभीर हालत में बीके सिविल अस्पताल लाया गया, लेकिन इस अस्पताल ने , डॉक्टरों ने , ओर देखने वाले सभी स्टाफ ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं तब सवाल उठा कितना बदल गया है आज का मनुष्य ?
जी हां बुरी तरह घायल ओर खून से लथपथ मरीज को जब स्ट्रेचर पर ले जाते समय अस्पताल स्टाफ ने मरीज के कटे पैरों को ही उसका तकिया बना दिया। सोचिए मरीज के पैर कट जाते है हादसे में ओर जब वो अस्प्ताल मैं इलाज के लिए आ रहा था तब उसके कटे पेर को ही उसका तकिया बना दिया गया ।
क्या गुजरी होगी उस समय का दर्द से तड़पते आदमी पर की जिस पैर से वो चलता था आज इस समय बो उसका तकिया बन गई।
ये सोच कर भी हमको बुरा लग रहा है पर उस अस्प्ताल के लोगो को शर्म तक ना आई ख़बर है कि फिर पूरा मामला सार्वजनिक होने पर अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टरों ने चुप्पी साध ली थी।
बता दे कि भूड़ कॉलोनी में रहने वाला प्रदीप एक फैक्ट्री में नौकरी करता है। वह जब फैक्ट्री जाने के लिए बड़खल फ्लाईओवर के पास रेलवे लाइन पार कर रहा था। तब इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसके दोनों पैर कट गए। ओर फिर उसे तत्काल उपचार के लिए बीके अस्पताल लाने के बाद उसे स्ट्रेचर पर लिटाया गया।
जहा तकिया नहीं मिलने पर स्टाफ ने उसके कटे पैरों से सिर को सहारा दिया दुःखद।
वही मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे दिल्ली ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर कर दिया गया था ख़बर है कि इस पूरे मामले को लेकर मीडिया ने सीएमओ गुलशन अरोड़ा से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
बहराल ना किसी पर आरोप ना किसी से अपनी नाराजगी। कमियां, गलतियां जिसकी भी हो जो भी हो भगवान उसे मानव को माफ करना।
बस ऊपर वाले से कहता हूँ है भगवान आज कितना बदल गया इंसान ।



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