भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी लिखते हैं कि मित्रों, कल मिंटो ब्रिज जलभराव में वाहन चालक पिथौरागढ़ निवासी कुंदन सिंह की दुखद मृत्यु हो गई थी। मैंने दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर (उप राज्यपाल) श्री अनिल बैजल साहब से कुंदन सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता और एक परिजन को दिल्ली सरकार में नौकरी का अनुरोध किया था।


आज मुझे उपराज्यपाल जी द्वारा बताया गया है कि मृतक के परिवार को 10 लाख रुपए का चेक जारी कर दिया गया है। मैंने उनसे अनुरोध किया है कि कुन्दन सिंह का परिवार इस राशि को लेने दिल्ली आने में असमर्थ है, अतः जिलाधिकारी पिथौरागढ़ के माध्यम से उक्त सहायता राशि उन्हें पहुंचाई जाये। आज मैंने पुनः उनके परिजन के लिए सरकारी नौकरी का अनुरोध किया है।
धन्यवाद पहाड़ पुत्र बलूनी
अब उत्तराखंड को लगने लगा है कि आज भी निस्वार्थ किसी भी जरूतमद  की सेवा करने वाले  नेता उत्तराखंड से आज भी राजनीति में है  
जो समाज के दुख दर्द को अपना समझते है 

अपने   नेक कामो की वजह से  , पहाड़ के विकास का विजन लिए आगे बढ़ रहे बलूनी इसी वजह से उत्तराखंड के लोकप्रिय नेताओ की टॉप लिस्ट  में  आज शुमार हो चुके है ।

आपको बता दे कि इससे पहले कल

आर्थिक सहायता के साथ कुंदन के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की LG से मांग बलूनी ने की थी

बलूनी कल रविवार को हुए भारी जलभराव के दौरान वाहन के साथ डूबने से उत्तराखंड निवासी कुंदन की मौत होने मदद के लिए तत्काल आगे आए थे उन्होंने कहा था कि
गरीबी में गुजर-बसर कर रहे परिवार के कुंदन ही एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। इसे देखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने उप राज्यपाल अनिल बैजल से घटना के बाद फोन पर बात की। वहीं उन्होंने पत्र लिखकर भी परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का अनुरोध किया है। भाजपा सांसद अनिल बलूनी की पहल पर उप राज्यपाल अनिल बैजल ने परिवार की मदद की दिशा में कार्रवाई भी शुरू कर दी थी

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के नौताश निवासी कुंदन सिंह दिल्ली में रहकर मालवाहक वाहन ‘छोटा हाथी’ चलाकर परिवार की रोजी-रोटी चलाते थे। रविवार की सुबह नई दिल्ली के मिंटो रोड ब्रिज पर हुए जलभराव के दौरान एक मालवाहक वाहन (छोटा हाथी) चालक सहित पानी में डूब गया, जिसमें कुंदन सिंह पुत्र भगवान सिंह की मौके पर ही दुखद मौत हो गयी।

खबर जैसे ही भाजपा के राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मिली तो उन्होंने परिवार की माली हालत के बारे में जानकारी ली। पता चला कि कुंदन परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। जिस पर भाजपा सांसद अनिल बलूनी ने उप राज्यपाल अनिल बैजल से फोन पर बात करने के बाद परिवार की मदद के लिए पत्र लिखा। उन्होंने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता व एक परिजन को सरकारी सेवा में लेने का अनुरोध किया है। 56 वर्षीय कुंदन सिंह अपने पीछे पत्नी मुन्नी देवी और 24 तथा 12 वर्ष की दो पुत्रियां छोड़ गए हैं। अत्यधिक निर्धन कुंदन सिंह पर ही पूरे परिवार का भार था।
बहराल सुखद ये है कि आज 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कुंदन सिंह के परिवार को मिल गई है
ओर अब भी बलूनी का प्रयास है कि
उनके परिवार से किसी एक सदस्य को सरकारी नोकरी दी जाए ।

हम सभी जानते है कि उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद, अनिल बलूनी राज्य के लोगों की मदद के लिए जाने जाते हैं। इससे पूर्व वह दुबई में फंसे उत्तराखंड के पांच सौ लोगों की वापसी के लिए विदेश मंत्री और नागरिक उड्यन मंत्री से बात कर चुके हैं। अनिल बलूनी की पैरवी के उत्तराखंड के लगभग सोलह हजार विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मान्यता प्राप्त हो सकी है। अनिल बलूनी की कोशिशों के बाद ही केंद्र सरकार ने एनसीटीई एक्ट में संशोधन के जरिए विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों को मान्यता प्रदान की थी।

लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में फंसे उत्तराखंड के लोगों की वापसी के लिए उन्होंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से भेंट की थी। जिसके बाद मुंबई, पुणे, इंदौर बेंगलुरु जयपुर, और गुजरात के विभिन्न शहरों में फंसे उत्तराखंडियो की सकुशल वापसी हो सकी। और भी कई कार्य वह समय-समय पर उत्तराखंड के लोगों के लिए करते रहे हैं।


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