देहरादून । लंबे समय से वेतन व पेंशन का भुगतान न होने पर अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति उत्तराखंड जल निगम ने पूरे प्रदेश में विरोध स्वरूप जल निगम धरने व प्रदर्शन को जारी रखा और कहा कि अभी तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि अब आंदोलन को और तेज किया जायेगा और इसके लिए रणनीति तैयार की जायेगी।
यहां मोहनी रोड स्थित जल निगम मुख्यालय में बडी संख्या में अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति उत्तराखंड पेयजल निगम से जुडे हुए कर्मचारी इकटठा हुए और वहां पर उन्होंने तीन माह से वेतन एवं पेंशन का भुगतान न होने पर पूरे प्रदेश में विरोध स्वरूप धरने पर बैठे और प्रदर्शन किया।  इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद सरकार व शासन में समझौता आदेश निर्गत किया गया था कि राजकीयकरण होने तक कार्मिकों के वेतन व पेंशन की धनराशि तथा सेन्टेज के अंतर की प्रतिपूर्ति शासन, सरकार द्वारा की जायेगी किन्तु शासन द्वारा अपने ही शासनादेश का उल्लंघन करते हुए वेतन व पेंशन के भुगतान की पत्रावलियों को पिछले तीन माह से डम्प कर रखी है। दुर्भाग्य विभाग द्वारा अर्जित सेन्टेज के भुगतान की फाइलांे से भी शासन में खेल खेला जा रहा है समन्वय समिति ने पशन व वेतन भुगतान के बाद ही आंदोलन पर पुर्नविचार किया जा सकता है। समिति द्वारा सरकार व शासन से हुए पूर्व समझौते के क्रम में न्यायालय में वाद दायर करने हेतु अभिलेखों के अनुरूप उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता से वार्ता हो चुकी है। शीघ्र ही इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जाती है तो आंदोलन को जारी रखा जायेगा। इस अवसर पर धरने व प्रदर्शन में ए के चतुर्वेदी, प्रवीन सिंह रावत,  जी एस बिष्ट, आर के त्रिपाठी, आर के रौनिवाल, एल डी भटट, दीपक मलिक, प्रवीन राय, सुभाष चन्द्रा, आनंद राजपूत, नवीन थापा, कुशाल राणा, पंकज मार्तोलिया, भगवती प्रसाद, लक्ष्मी सेठी, मीरा देवी, दीपा उप्रेती, भाग्या रानी, अरविन्द सजवाण, संजीव दौसाद, मीनाक्षी वशिष्ठ, सुभाष चन्द्र भटट, डी पी डंगवाल, संजू गुंसाई, मोनिका भटट, मातवर सिंह बिष्ट, के आर भटट, प्रीतम सिंह सूदन, परमेश्वरी देवी, संजू गुसांई, अरविन्द सजवाण, रामकुमार, अजय बेलवाल, विजय प्रसाद खाली, योगेन्द्र सिंह त्रिपाठी, सुमित आनंद, जितेन्द्र देव सहित अनेक कार्मिक मौजूद थे। ———————–


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